अनुदानित विद्यालयों में शिक्षक फर्जीवाड़ा के बाद एसआइटी टीम ने जांच का दायरा बढ़ाया
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
जिले के अनुदानित विद्यालयों में फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश होने के बाद गठित एसआइटी ने जांच का दायरा बढ़ा दी है। जिसके बाद से 2014 से जिले के लगभग सभी प्रबंधकीय विद्यालयों में हुई नियुक्तियों जांच के घेरे में आ गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार को सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी के निर्देश पर एसआइटी में शामिल एसटीएफ की टीम बीएसए कार्यालय पहुंची और एक घंटे तक वहां उपस्थित कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही बीएसए से भी मुलाकात की। इस दौरान नियुक्ति से संबंधित कागजात को भी टीम ने कब्जे में ले लिया। एक से दो दिनों में एसआइटी पर्दाफाश करने का दावा कर रही है।महज कुछ दिन पहले एसटीएफ ने लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन व सहदेव पूर्व माध्यमिक विद्यालय में फर्जी अनुमोदन पत्र के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति व भुगतान का पर्दाफाश किया है। वित्त एवं लेखाधिकारी समेत 19 लोगों को एसटीएफ ने आरोपित बनाया है। एडीजी जोन अखिल कुमार के निर्देश पर जिले में शिक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए सीओ सिटी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है। एसटीएफ प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह अपनी टीम के साथ जिले में सुबह 11 बजे आ गए और अभी तक लिए गए कागजात का सीओ सिटी के कार्यालय में बैठ कर अवलोकन किया। इस दौरान सीओ सिटी के पेशकार व मुंशी भी मौजूद रहे। लगभग तीन घंटे तक सीओ सिटी कार्यालय में विवेचना संबंधित कागजात एकत्र करने के बाद एसटीएफ प्रभारी के नेतृत्व में टीम बीएसए कार्यालय पहुंची, बीएसए संतोष कुमार राय से मुलाकात करने के बाद टीम नियुक्त संबंधित पटल देखने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की और कागजात भी कब्जे में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि एसआइटी को कई जानकारियां हाथ लगी है। एसआइटी बड़ा पर्दाफाश करने की तैयारी में है। कई कर्मचारी व फर्जी शिक्षक भी जांच के घेरे में आ गए हैं। सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने कहा कि जांच चल रही है। एसटीएफ कागजात लेने के लिए बीएसए कार्यालय गई थी। एक से दो दिनों में कुछ अहम जानकारी हाथ लगने की उम्मीद है।