बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का डीएम ने किया शुभारम्भ
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया-विकास भवन गांधी सभागार में आयोजित बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों एवं फ्रंटलाईन कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में मुख्य सेविकाओं एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिशु मृत्यु दर, बाल सुरक्षा, कुपोषण में कमी, मातृत्व पोषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी आप सब के ऊपर है, यह मानवीय संवेदनाओं से जुडा होने के साथ-साथ नैतिक कर्तव्यों एवं शासकीय बोध का भी कार्य है। इसको सफल बनाने में आप सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लिए इस प्रशिक्षण में जो भी बारीकियां व अनुभव बताएं जाए, उसे आत्मसात करते हुए उसका अपने क्षेत्रों में क्रियान्वित करें और मातृत्व व शिशु सुरक्षा के लिए जागरुक होकर कार्य करें। उन्होने यह भी कहा कि आयुक्त गोरखपुर के निर्देश के क्रम में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा गया है। आयुक्त द्वारा मण्डल में सबसे पहले इस जनपद को इस प्रशिक्षण को आयोजित कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया, जो हम सभी के लिए एक गर्व का विषय है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चिकित्साधिकारी डा आलोक पाण्डेय द्वारा स्वास्थ्य विभाग से जुडी बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए मातृ एवं बच्चों को सुरक्षित किए जाने की बारीकियों से अवगत कराया गया। आयुक्त द्वारा नामित प्रमुख प्रशिक्षणकर्ता प्रवीन दूबे द्वारा विस्तृत रुप से इस प्रशिक्षण में अपने अनुभव को साझा किया गया। एक-एक बिन्दुओं पर गहन जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण कर्ता के रुप में इन्द्र मोहन ओझा, उषा दूबे, नामजीन खां द्वारा भी प्रशिक्षण दिया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय द्वारा बाल विकास, मातृ शिशु के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं से भी सभी को अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, प्रशिक्षणकर्ता सुरेश तिवारी, सीडीपीओ सत्येन्द्र कुमार सिंह, अजय नायक, दया राम, विमल पाल सिंह, गोपाल सिंह, ऋचा पाण्डेय, सुषमा दूबे, डीसीपीएम राजेश गुप्ता सहित मुख्य सेविकायें व अन्य संबंधित कर्मी गण आदि उपस्थित रहे।