महिलाओं के लाभार्थ एक दिवसीय विधिक जागरुकता शिविर का हुआ आयोजन
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया- महिलाओं के लाभार्थ एक दिवसीय विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन शुक्रवार को गांधी सभागार, विकास भवन में आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्रीमती निर्मला द्विवेदी सदस्य उ.प्र. राज्य महिला आयोग, विशिष्ट अतिथि अलका सिंह नगरपालिका अध्यक्ष देवरिया व अध्यक्ष हेमा त्रिपाठी द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया । संजय पाण्डेय परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ओ. द्वारा समस्त अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर दिया गया । प्रभात कुमार जिला परिवीक्षा अधिकारी द्वारा कार्यक्रम की रुपरेखा एवं कार्यक्रम के उद्देश्य से परिचित कराते हुये उपस्थित समस्त का अभिभावदन के साथ-साथ महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी । कार्यक्रम का संचालन जयप्रकाश तिवारी, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई देवरिया द्वारा किया गया । तिवारी द्वारा कन्या भ्रूण हत्या विषय पर चर्चा करते हुये उपस्थित समस्त को इसके संबंध में जानकारी उपलब्ध करायी गयी तथा किसी भी व्यक्ति महिला अथवा पुरुष को गर्भ में पल रहे बच्चों के लिंग के बारे में जानने का अधिकार नहीं है । गर्भ में पल रहे बच्चे को जानने व मारने का प्रयास किया जाता है, तो जांच करने वाले एवं कराने वाले दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने का प्राविधान है । घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 पर चर्चा करते हुये परशुराम त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता के द्वारा घरेलू हिंसा में मा. न्यायालय की प्रक्रिया एवं पीड़िता को प्राप्त होने वाले सुविधाये, अधिकार आदि के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी गयी । मानव तस्करी विषय पर डा. ओंकारनाथ पाण्डेय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर द्वारा वृहद रुप से चर्चा करते हुए बताया गया कि मानव तस्करी किस प्रकार की जाती है, तथा यह एक बड़े व्यवसाय के रुप में प्रचलन में है । गांव के बच्चे गरीब बच्चे इससे ज्यादातर प्रभावित हो रहे हैं । दहेज उत्पीड़न विषय पर चर्चा करते हुये श्रीमती प्रिती सिंह महिला थानाध्यक्ष ने बताया गया कि महिलाओं के प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ प्रकरण को समाप्त किये जाने का प्रयास किया जाता है । पुलिस विभाग द्वारा प्रदत्त 1090, 181 आदि हेल्पाइन की भी जानकारी इनके द्वारा दी गयी । कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निषेध अधिनियम 2013 पर चर्चा करते हुए सीमा शैली अध्यक्ष जागृति सेवा संस्थान द्वारा बताया गया कि महिलाओं को बराबर शिक्षित होने की आवश्यकता है इसी के माध्यम से महिलायें जागरुक एवं सशक्त हो सकती हैं । यौन शोषण विषय पर नीरज शर्मा बाल सुरक्षा सलाहकार यूनीसेफ गोरखपुर मण्डल गोरखपुर द्वारा बताया गया कि किस प्रकार समाज में 18 से कम आयु के बालक व बालिकाओ का शोषण किया जाता है तथा इसके रोकथाम के लिए पाक्सो कानून द्वारा प्रदत्त नियमों से कैसे लाभ प्राप्त किया जा सकता है । माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम 2007 पर चर्चा करते हुये नीरज कुमार अग्रवाल जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध करायी गयी । इसके साथ ही समाज कल्याण द्वारा व्यवहरित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गयी । भारत में महिलाओं के सम्पत्ति और भरण-पोषण अधिकार पर चर्चा करते हुये समाज कल्याण विभाग से नियुक्त चार सुलह अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध करायी गयी । साइबर क्राइम विषय पर चर्चा हेतु पुलिस विभाग के एच.टी.यू. प्रभारी द्वारा जानकारी देते हुये इससे कैसे बचा जाय रोकथाम कैसे हो इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी । कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित विशिष्ट अतिथि के द्वारा महिलाओं के कल्याण परक विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गयी तथा इस तरह के आयोजन हेतु जिला परिवीक्षा अधिकारी का आभार व्यक्त किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्ष हेमा त्रिपाठी के द्वारा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया कि महिला कल्याण विभाग जनपद में अच्छा कार्य कर रहा है, जिससे महिलाओं एवं बच्चों को लाभ मिल रहा है । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के द्वारा समस्त का आभार व्यक्त करते हुये बताया की यह कार्यक्रम राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है तथा कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को प्राप्त अधिकारों के बारे में जागरुक किया जाना है । मुख्य अतिथि द्वारा बताया गया कि सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील है एवं बेहतर से बेहतर किये जाने का प्रयास निरन्तर जारी है । महिला कल्याण विभाग देवरिया जनपद में अच्छा कार्य कर रहा है तथा कार्यक्रम का आयोजन भी अच्छे तरीके से किया गया है, जिसके लिए जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं संरक्षण अधिकारी धन्यवाद के पात्र हैं । इनके द्वारा हमेशा सहयोग प्रदान किया जाता रहा है । ऐसे ही अधिकारियों की आवश्यकता विभागों में हैं । कार्यक्रम में यशोदानन्द तिवारी सहायक अधीक्षक, रामकृपाल मौर्य मनोवैज्ञानिक, वन्दना त्रिपाठी डिप्टी जेलर जिला कारागार, उप निरीक्षक देवेन्द्र पाण्डेय थाना ए.एच.टी.यू., साधना चतुर्वेदी महिला कल्याण अधिकारी, रणजीत कुमार विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, केन्द्र प्रबंधक वन स्टाप सेन्टर नीतू भारती, ऋचा पाण्डेय बाल विकास परियोजना अधिकारी भलुअनी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, स्वयं सहायता समूह की महिलायें, माला मणि प्रबंधक उपयुक्त संस्था, ओमप्रकाश यादव कनिष्ठ सहायक आदि मौजूद रहे ।