न्यायिक कार्यो के तहत पीठासीन अधिकारी वादों का भी करें निस्तारण-डीएम
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने राजस्व व वसूली, न्यायिक कार्यो सहित राजस्व से जुडे अन्य कार्यो में पूरी तत्परता के साथ क्रियान्वित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि सभी जुडे अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी सजगता से निर्वहन करेगें, इसमें किसी प्रकार की कोई कोताही न बरतें। जिलाधिकारी श्री निरंजन गूगल मीट द्वारा राजस्व कार्यो की समीक्षा कर रहे थे। उन्होने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लम्बित पत्रावलियों का त्वरित निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिया। कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार आम जन में हो, उन्हे इसकी पूरी जानकारी रहे। उन्होने शासन एवं उच्च स्तर के सभी लम्बित सन्दर्भो का निस्तारण सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश में कहा कि सभी पुराने सन्दर्भो को 24 घंटों के अन्दर उसे अनिवार्य रुप से सुनिश्चित कराए। उप जिलाधिकारी भी इसका अनुश्रवण करते रहे। नकल प्रार्थना पत्रों की समीक्षा में उन्होने कार्य प्रगति घोर अप्रसंनता व्यक्त की तथा इसकी पुरनावृत्ति न हो, इसके लिए सचेत किया तथा कार्यो में सुधार लाए जाने का निर्देश दिया, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जायेगी। जिलाधिकारी ने सेवा निवृत्त कर्मियों के पेंशन एवं विभागीय कार्यवाहियों का निस्तारण प्रमुखता एवं समयबद्वता से किए जाने का निर्देश दिया। उन्होने पट्टा आवंटन में लेखपालो को ज्यादा संवेदनशील व जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि भूमि प्रबंधन समिति को पूर्णतः अविवादित प्रकरणों को को ही सम्मिलित किए जाने चाहिए तथा उप जिलाधिकारी मौके पर जाकर पट्टा आवंटन की जमीनो का भौतिक सत्यापन अवश्य ही कर लेगें। उन्होने पट्टा पत्रावलियों के अमलदरामद किए जाने का भी निर्देश दिया। खतौनियों को अभिलेखागार में दाखिला कराए जाने का निर्देश तहसीलदारो को दिया। उन्होने अविवादित वरासत मामलो को भी तत्परता से किए जाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देश दिया कि ऐसे तहसीलदारो को चिन्हित कर जिनके यहां ज्यादा मामले वरासत के लम्बित है, उन्हे कारण बताओं नोटिस देने के साथ ही उनका वेतन बाधित किए जाए। जिलाधिकारी राजस्व कार्यो के समीक्षा के तहत 122 बी की दाखिल दफ्तरी पर भी अंसतोष जताया। गति लाए जाने का निर्देश दिया। इसी प्रकार उन्होने धारा 67, धारा 24, धारा 41 एवं फौजदारी वादो के निस्तारण आदि की गहन समीक्षा के दौरान उन्होने धारा 41 के कार्यवाहियों की गहन समीक्षा अपने स्तर से उप जिलाधिकारियों को किए जाने का निर्देश दिया। उन्होने मुख्य एवं विद्युत देय की भी समीक्षा की। लक्ष्यानुरुप प्रत्येक माह के वसूली कार्य को सम्पादित किए जाने का निर्देश दिया। आर सी एवं बडे बकायेदारो की वसूली को भी तत्परता से सुनिश्चित किए जाने को कहा। उन्होने पीठासीन अधिकारियों को न्यायिक कार्यो को भी सम्पादित किए जाने के साथ दायरा से अधिक वादो का हर हाल में निस्तारित किए जाने का निर्देश दिया।बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिन्द, अपर जिलाधिकारी प्रशासन कुवर पंकज, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह, रुद्रपुर संजीव कुमार उपाध्याय, सलेमपुर ओम प्रकाश, भाटपाररानी ध्रुव कुमार शुक्ला, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी गण आदि जुडे रहे।