*गुरु पूर्णिमा श्रद्धा पूर्वक मनाया गया
सुभाष सिंह यादव
ग़ाज़ीपुर । सादात भगवान से भी उंचा स्थान रखने वाले गुरु के प्रति आस्था और कृतज्ञता ज्ञापित करने वाला पर्व गुरु पूर्णिमा श्रद्धापूर्वक मनाया गया। पूर्वांचल में विख्यात सिद्धपीठ हथियाराम में अंधकार से उजाले की ओर ले जाने वाले सद्गुरु देव महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नन्दन यति जी महाराज का श्रद्धा एवं विश्वास के साथ पूजन-अर्चन किया गया। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह पर्व सादगी के साथ मनाया गया। शिष्यों ने सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए स्वामी भवानी नन्दन यति के चरणों में श्रद्धानवत होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धपीठ हथियाराम के 26वें पीठाधीश्वर महंत महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति ने गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु और शिष्य का रिश्ता जितना प्रगाढ़ होता है, गुरु की गरिमा उतनी ही प्रतिष्ठित होती है। कहा कि गुरु नहीं होते, तो भक्त को भगवान के बारे में जानकारी कौन देता। इसलिए गुरु का पद सभी की नजरों में ऊंचा होता है। गुरु अपने शिष्य को सामाजिक, आर्थिक व सांसारिक जीवन जीने की भी कला को सिखाता है। गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है। शिष्य श्रद्धालुओं ने उन्हें पुष्प भेंटकर उनका वंदन अभिनन्दन किया। इस दौरान संत देवरहा बाबा, आजमगढ़ के एमएलसी राजेश कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह, विपिन सिंह, ओमकार सिंह, डा. रमाशंकर राजभर, प्राचार्य डा. रत्नाकर त्रिपाठी, संतोष यादव, आचार्य संजय पांडेय, वरुण देव सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रभुनाथ दूबे, इंद्रजीत सिंह एवं आचार्य सुरेश त्रिपाठी के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों का समूह तथा श्रद्धालु नर-नारी मौजूद रहे। शिष्य श्रद्धालु बुढ़िया माता का दर्शन और भंडारा से महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य के भागी बने।