राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक रहे प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भैया की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर लोक पहल अभियान का शुभारंभ किया गया एवं सामाजिक समरसता की स्थापना एवं जातिवादी राजनीति के दुष्परिणाम विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
स्वतंत्र पत्रकार विजन की रिपोर्ट
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक रहे प्रो राजेंद्र सिंह रज्जू भैया की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर लोक पहल अभियान का शुभारंभ किया गया एवं सामाजिक समरसता की स्थापना एवं जातिवादी राजनीति के दुष्परिणाम विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में भारत सरकार के पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं भूतपूर्व लोकसभा सांसद स्वामी चिन्मयानंद जी महाराज रहे। डॉ वीके सिंह के द्वारा प्रोफेसर राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया के विषय में विचार व्यक्त करते हुए कहा गया कि वे त्याग की और उनके विचारों से प्रेरित करते हुए लोक पहल अभियान की प्रासंगिकता को व्यक्त किया। विशिष्ट वक्ता के प्रोफ़ेसर गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने रज्जू भैया को नमन करते हुए यह कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्त राज्य और राजनीतिक माहौल के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि प्रज्ञावान व्यक्ति अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और चरित्रवान व्यक्तियों को राजनीति सशक्त बनाए जाने के लिए पूर्ण मनोयोग से सहयोग करें। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने पूजनीय रज्जू भैया से जुड़े अपने अपने संस्मरण को साझा किया और वर्तमान राजनीति में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए यह आवाहन किया की लोग आगे और भ्रष्ट राजनेताओं के स्थान पर चरित्रवान लोगों को राजनीति में मजबूती प्रदान करने में सहयोग करें साथी साथ समरसता पूर्ण समाज की स्थापना के लिए एक पूर्ण मनोयोग से सहयोग करें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता स्वामी चिन्मयानंद जी महाराज ने रद्द करते हुए उनसे जुड़े अपने संस्मरण को साझा किया और जातिवाद एवं भ्रष्टाचार से मुक्त राजनीतिक माहौल के निर्माण के लिए लोगों का आह्वान किया उनका कहना था की राजनीति का मतलब राज्य की सेवा करना होना चाहिए ना कि केवल एक परिवार या व्यक्ति के इर्द-गिर्द राजनीति होनी चाहिए राजनीति का प्रथम उद्देश्य देश सेवा एवं विकास की भावना होनी चाहिए ना कि संपत्ति के निर्माण की भावना होनी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि देश धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए चरित्रवान व्यक्तियों को सत्ता के शीर्ष पर होना चाहिए क्योंकि उच्च चरित्र और सत्य निष्ठा वाला व्यक्ति राष्ट्र का निर्माण कर सकता है और भ्रष्टाचार से मुक्त राजनीतिक माहौल की निर्माण कर सकता है वर्तमान समय में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ देश और राज्य की सुदृढ़ता और सुरक्षा एवं विकास के लिए सर्वोत्तम विकल्प माना है क्योंकि मोदी और योगी जैसे दृढ़ संकल्प की राजनीतिज्ञ धारा 370 को हटा सकते हैं, कश्मीर समस्या का समाधान कर सकते हैं, समान नागरिकता कानून को लागू कर सकते हैं और जनसंख्या कानून जैसे अति आवश्यक कानूनों का निर्माण कर सकते हैं। स्वामी चिन्मयानंद जी के अनुसार अब ना तो अवतार होगा ना गांधी, ना महामना मालवीय जैसे लोग वापस आएंगे इसलिए वर्तमान समय में नरेंद्र मोदी एवं योगी आदित्यनाथ को सर्वोत्तम राजनीतिक विकल्प के रूप में पूरे देश को अपनाना होगा। कार्यक्रम में लोक पहल के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह और प्रोफ़ेसर गिरीश त्रिपाठी बाबा हरदेव सिंह और अमरेन्द्र नाथ सिंह, अध्यक्ष हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को संरक्षक एवं मार्गदर्शक मंडल में स्थान प्रदान किया गया और डॉ विजय कुमार सिंह को प्रदेश समन्वयक एवं प्रयागराज झांसी चित्रकूट लखनऊ का प्रभारी बनाया गया। प्रोफेसर आलोक चौहान को वेब एवं डिजिटल मीडिया का प्रबंधन का कार्य दिया गया साथ ही कानपुर आगरा मेरठ और अलीगढ़ का प्रभारी बनाया गया। प्रयागराज मंडल में डॉक्टर सुशील कुमार सिन्हा और श्री अतुल द्विवेदी डॉक्टर एस के राय डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी और विशाल शर्मा को प्रभार दिया गया साथ ही डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी डा मानसिंह डॉ हर्षमणि सिंह, डॉ भवेश द्विवेदी के साथ प्रयागराज मंडल और पूर्वांचल के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में लोक पहल के अभियान को आगे बढ़ाएंगे। डॉक्टर अनुराग अग्रवाल महाविद्यालय विस्तार और बरेली मुरादाबाद सहारनपुर का प्रभारी बनाया गया। डॉक्टर संतोष कुमार सिंह को मंडल प्रभारी वाराणसी आजमगढ़ गोरखपुर का प्रभारी और डॉक्टर अविनाश को मंडल प्रभारी अयोध्या बस्ती और देवीपाटन का प्रभारी बनाया क्या।कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ बी एल आर्य ने किया और डॉक्टर सुशील कुमार सिन्हा कार्यक्रम के संयोजक रहे कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अखिलेश त्रिपाठी के द्वारा किया गया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉक्टर विजय कुमार सिंह, डॉ भवेश द्विवेदी, डॉ हर्षमणि सिंह, डॉ मान सिंह, ऋषिकेश सिंह नहीं बड़ी संख्या में व्यक्ति उपस्थित रहे।