कतर्नियाघाट के जंगलों से लगभग 40 किलोमीटर दूर पहुंचा जंगली हाथियों का दल
बिछिया बहराइच से अभयजीत प्रजापति की रिपोर्ट
बिछिया(बहराइच)- कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के घने जंगल और सुरम्य वातावरण नेपाली हाथियों को काफी रास आ रहा है | नेपाली हाथियों का दल अक्सर कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाढ़ा व कतर्नियाघाट रेंज में विचरण करता देखा जाता है | जंगली हाथियों द्वारा अक्सर जंगल के समीपवर्ती रमपुरवा, मटेही आदि गांवों में जंगल के किनारे लगी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया जाता रहता है | लेकिन जंगल के एक छोर से निकल दूसरे छोर पर स्थित मोतीपुर वन रेन्ज के जंगल के समीपवर्ती गांवों में पहुंचने की घटनाएं सामान्यत: नहीं होती हैं | कतर्नियाघाट के जंगलों से निकल लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खड़िया पहुंचने की घटना इस वर्ष की पहली घटना है | प्राप्त सूचना के अनुसार देर रात खड़िया गांव पहुंचे जंगली हाथियों के दल ने जंगल किनारे लगी कई भीगे गन्ने की फसल को तहस-नहस कर दिया | हाथियों के दल के आबादी के समीप पहुंचने से गांव निवासी अक्षय कुमार के लगभग 3 बीघा, जवाहर कि लगभग 2 बीघा, लखविंदर की लगभग 3 बीघा, सुनील की लगभग 2 बीघा, परसेन की लगभग 2 बीघा गन्ने की फसल पूरी तरीके से तहस-नहस हो गई है | गाव निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि बारिश के कारण पहले से ही मिट्टी गीली थी | हाथियों के झुंड के तहस-नहस करने से हमारी गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई | कतर्नियाघाट के जंगलों से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर खाड़िया गांव हाथियों के झुंड का पहुंचना हम लोगों की फसलों के लिए खतरे की घंटी है | लगभग 3-4 वर्ष पूर्व भी हाथियों का झुंड खड़िया गांव आया था और उस दौरान भी हाथियों द्वारा हमारे खेतों में भारी तबाही मचाई गई थी | स्थानीय ग्रामीणों द्वारा हाथियों के झुंड द्वारा फसल नुकसान की सूचना क्षेत्रीय वन रेंज कार्यालय को फोन द्वारा दे दी गई है |