वृक्ष ही बचा सकते हैं हमारा जीवन:- रेनू द्विवेदी
पी एन पाण्डेय
मिर्जापुर जनपद के अंतर्गत ग्राम मेवली की रहने वाली सुप्रसिद्ध कविता और गीत गजलों की प्रसिद्ध कवयित्री रेनू द्विवेदी जिनकी छवि आज प्रदेश नहीं अपितु पूरे भारत में समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित हो रही है ऐसी सुप्रसिद्ध कवियत्री के द्वारा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अपने पैतृक गांव मेवली जनपद मिर्जापुर में वृक्षारोपण का कार्य किया गया साथ में बताते चलें की श्रीमती रेनू द्विवेदी लखनऊ के गोमती नगर मे रहती हैं इनको लोग अक्सर लखनऊ की रहने वाली प्रसिद्ध कवियत्री रेनू द्विवेदी के नाम से जानते हैं इस पर्यावरण समस्या को देखते हुए आज जो सरकार के द्वारा वृक्ष लगाओ अभियान चलाया जा रहा है उन्हीं सब विचारों को मन में रखते हुए रेनू द्विवेदी ने भी वृक्षारोपण का कार्य किया साथ ही तो वही श्रीमती रेनू द्विवेदी ने वृक्षारोपण कर भविष्य मे समाज एवं हरियाली को बचाने के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अच्छा संदेश दिया है। विस्तृत जानकारी देते हुए श्रीमती द्विवेदी ने कहा कि पेड़ और पौधे मुख्य कारण हैं कि हम इस धरती पर जीवित क्यों हैं। वे जीवन देने वाली ऑक्सीजन गैस प्रदान करते हैं जिसके बिना इस ग्रह पर हमारा अस्तित्व असंभव है। इसके अलावा पेड़ों के रोपण के कई अन्य लाभ हैं। वृक्षारोपण के कई फायदे हैं। उनके द्वारा मिलने वाले कुछ लाभों में हानिकारक गैसों, जो पर्यावरण को दूषित करते हैं, उन्हे अवशोषित करना, पक्षियों और जानवरों के लिए भोजन और आश्रय प्रदान करना और गर्मियों के दिनों में छाया प्रदान करना शामिल है। श्रीमती द्विवेदी ने कहा कि करोना कॉल में भी ऑक्सीजन की कमी से बहुत लोगों की मौतें हुई इसका कारण है आज के समय में लोग वृक्षो को को काटने में लगे हुए हैं अगर हर व्यक्ति एक एक वृक्ष लगाए तो ऑक्सीजन कमी नहीं होने पाएगी और वृक्ष ही हमारी जान को बचा सकते हैं
साथ ही साथ केले का वृक्ष लगाते हुए श्रीमती द्विवेदी ने कहा कि हमारे भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के प्रतीक केले का वृक्ष माना गया है जिसमें हिंदू धर्म की महिलाएं बृहस्पतिवार को व्रत के साथ-साथ केले के पौधे का भी पूजा करती हैं और अपने सभी कष्ट निवारण व रक्षा हेतु धनसंपदा हेतु भगवान विष्णु से प्रार्थना करती हैं