अतुल राय के खिलाफ इकलौते गवाह सत्यम प्रकाश की मौत ने परिवार को झकझोरा
सुभाष सिंह यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह को कोशिश करने वाले भांवरकोल थाना क्षेत्र के सियाड़ी गांव निवासी सत्यम राय की शनिवार को मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। दिल्ली से उसके शव का वाराणसी लाया जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार वाराणसी या गाजीपुर में किए जाने पर निर्णय होगा। अतुल राय के मामले का इकलौता गवाह सत्यम प्रकाश की मौत ने परिवार को झकझोरा दिया है। चार भाई-बहनों में सबसे छोटा अविवाहित सत्यम प्रकाश राय काफी होनहार व महत्वाकांक्षी है। 16 अगस्त को उसके आत्महत्या के प्रयास के बाद जहां गांव के लोग भी भौचक थे, वहीं परिवार के लोगों ने भी रिश्ता तोड़ लेने की बात कही थी। हालांकि नात-रिश्तेदार के जुड़े कुछ लोग तब से ही दिल्ली में सत्यम की देख-रेख में लगे हुए थे। अब मौत की खबर ने परिवार के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। वाराणसी रह रहे पिता इन्द्रबली राय ने कहा कि चाहे जो कहूं बेटा तो था ही। उसका अंतिम संस्कार हमारा धर्म है। सत्यम वाराणसी के यूपी कालेज उपाध्यक्ष भी रह चुका है। राजनीति में रुचि होने के कारण वह अपने गांव चला आया और पंचायत चुनाव में भांवरकोल द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ा। अतुल राय पर लगे दुराचार के आरोप के मामले में इकलौता गवाह भी है। सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह का प्रयास करने वाली दुष्कर्म पीडि़ता व उसके गवाह दोस्त सत्यम प्रकाश राय का साथ छात्रसंघ की राजनीति के दौरान हुआ था।अतुल राय के खिलाफ एक मई 2019 को वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। लोकसभा से सांसद का चुनाव जीतने के बाद 22 जून 2019 को अतुल राय ने पुलिस को चकमा देकर अदालत में समर्पण किया था। तब से अतुल राय प्रयागराज की नैनी जेल में निरुद्ध है।