अफगानिस्तान में फंसा महाराजगंज का नागरिक, परिजनों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से वतन वापसी की लगाई गुहार
शैलेन्द्र यादव की रिपोर्ट।
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद बिगड़े हालात में महराजगंज से रोजी-रोटी की तलाश में गया जंग बहादुर काबुल में फंस गए है. अफगानिस्तान में सत्ता के उलटफेर और अस्थिरता को लेकर अफगानी व विदेशी नागरिक जान की सुरक्षा के लिए देश छोड़ रहे हैं।तालिबानियो के बंदूको की गड़गडा़हट से दुनिया भर में अफगान के लोकतंत्र और महिला बच्चो पर मडराते खतरे  को लेकर खलबली मच गयी है।अफगान मे फंसे अपने नागरिकों को बचाने के लिए हर देश यथासम्भव प्रयास कर रहा है।अफगान मे तालिबान को सत्ता मिलने के बाद जनपद के श्यामदेउरवा का एक परिवार खौफ मे है। श्यामदेउरवा गांव निवासी जंग बहादुर पिछले 5 सालों से अफगानिस्तान के काबुल में एक प्राइवेट कंपनी में रहकर खाना बनाने का काम करते हैं। 2 साल पहले बड़ी बेटी रंजीता की शादी करने के बाद जंग बहादुर काम पर वापस काबुल गए और दशहरे में घर आने की बात कही लेकिन इससे पहले ही अफगानिस्तान में हुई सत्ता परिवर्तन की वजह से वह मुसीबत में फंस गए हैं। अफगानिस्तान के बिगड़े हालात के बाद परिजनों को जंग बहादुर को लेकर चिंता सता रही है । पत्नी और  बच्चे को तालिबानी लड़ाकों की क्रूरता और असुरक्षा की आशंका से सहमा परिवार अब अपने घर के मुखिया की प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वतन वापसी की गुहार लगा रहा है.