देवरिया नगरपालिका की खुली पोल पूरा शहर डूबा
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
शनिवार को लगभग पांच घंटे से ऊपर हुई मूसलधार बारिश से शहर के कई मोहल्लों में जलभराव से लोगों की मुश्किल बढ़ गईं। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया। जिला अस्पताल रोड पानी से डूबा रहा। इससे मरीजों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कलेक्ट्रेट, विद्युत विभाग, सिचाई विभाग, जीआइसी समेत प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया है। जिससे लोग काफी परेशान रहे। बारिश से सिविल लाइंस स्थित पीडब्ल्यूडी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस लाइन, जिला पंचायत परिसर, राघव नगर कोआपरेटिव बैंक चौराहा, हनुमान मंदिर रोड, दुर्गा मंदिर रोड, राघवनगर के अलावा रामगुलाम टोला, गायत्रीपुरम, उमानगर, देवरिया खास, रामनाथ देवरिया, साकेतनगर, न्यू कालोनी, सिधी मिल कालोनी, अंबेडकरनगर, नाथनगर सहित कई अन्य मोहल्लों में जलभराव से लोग मुश्किल में हैं। मुख्य नाले हो गए ओवरफ्लो मूसलधार बारिश से मुख्य नाले ओवरफ्लो हो गए। जिससे मोहल्ले के छोटे नालियों से पानी नहीं निकल सका और सड़कों पर पानी भर गया। रामगुलाम टोला व सिविल लाइन्स रोड में बारिश का पानी ओवरफ्लो कर लोगों के घरों में पहुंच गया है। दूसरी तरफ अलीनगर, स्वास्तिक नगर में भी जलभराव के कारण लोग परेशान हैं। अधिकारियों के साथ शहर में निकले विधायक सदर विधायक डा. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी सुबह जलभराव की जानकारी मिलने पर एसडीएम सौरभ सिंह, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह व नगर पालिका कर्मियों के साथ सिविल लाइंस, बस स्टैंड, कचहरी चौराहा, डीएम बंगले के पीछे, कोआपरेटिव चौराहा, राघवनगर, हनुमान मंदिर, अंबा रोड, कैलाशपुरी, परशुराम चौक, सुगर मिल रोड, कुर्ना नाला व गोरखपुर रोड का निरीक्षण किया। स्लैब उठाकर जल निकासी की समस्या से निदान दिलाने की कोशिश की गई। हनुमान मंदिर चौराहा पर नाला जाम होने पर नाराजगी जाहिर की। सफाईकर्मियों ने नाले की सफाई शुरू की। जिसके बाद बहाव तेज हुआ। स्टेडियम में भी भरा पानी पांच घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते रविद्र किशोर शाही स्टेडियम का मैदान भी बारिश के पानी से लबालब भर गया है। दूसरी तरफ पुलिस लाइन ग्राउंड भी पानी से भर गया है। पुलिस लाइन ग्राउंड में बनाया गया हेलीपैड पानी में डूब गया है। घरों के अंदर लोग बेड व चारपाई पर सामान रख कर सुरक्षा कर रहे हैं।मरीजों को झेलनी पड़ी दुश्वारियां मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल परिसर पानी से भरा रहा। बस स्टेशन से अस्पताल को जानी वाली सड़क पानी से लबालब रहा। अस्पताल व इमरजेंसी में जाने वाले मरीजों को घुटने भर पानी से जाना पड़ा। जिसके चलते दुश्वारियां झेलनी पड़ी।