किसान सत्याग्रह को सफल बनाने के लिए हुई बैठक
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर। 2 अक्टूबर को चम्पारण विहार से वाराणसी तक किसान सत्याग्रह को सफल बनाने हेतु संयुक्त किसान मोर्चा के जिला कार्यालय भारद्वाज भवन स्टेशन रोड लंका पर विभिन्न किसान संगठनों की एक बैठक हुई। जिसमे नवनिर्माण किसान संगठन के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय सदस्य अक्षय कुमार ने सत्याग्रह के सम्बंध में बोलते हुए कहा कि देश गहरे संकट में है।खेती-किसानी दवाई- पढ़ाई- कमाई- महंगाई को लेकर चंपारण से बनारस तक पद यात्रा 2 से 19 अक्टूबर ,2021 को हजारों साथियों, के नेतृत्व में किसानों के चंपारण सत्याग्रह के 104 साल बीत जाने के बाद भी भारत के किसानों को खेती - किसानी के सवाल पर आंदोलन करना पड़ रहा है। तब और अब में फर्क सिर्फ इतना आया है कि तब अंग्रेज शासन कर रहे थे और अब भारतीय। उस समय नील की खेती और उसके दाम को ब्रिटिश कंपनियां नियंत्रित कर रही थी । अब दुबारा से खेती को कंपनियों को देनी की साजिश है ।तीनों काले कानून के विरोध में और एम. एस. पी के गारंटी के कानून के लिए देशभर के किसान पिछले आठ महीनों से दिल्ली के बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के सामूहिक नेतृत्व में आंदोलित हैं , लेकिन सरकार है कि उसके कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।लोगों द्वारा चुनी गयी सरकार का ऐसा रवैया लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं। ऐसे दौर में हम सब लोगों का कर्तव्य है कि किसान के इस जीवन- मरण प्रश्न को देश भर में और नीचे तक जोर - शोर से अहिंसक सत्याग्रह के माध्यम से ले जाया जाए। जनजागरण के लिए सत्याग्रह के तौर पर हम साथियों ने उसी चंपारण से पद यात्रा करने का निर्णय किया है जहाँ गांधी जी ने किसानों के लिए 1917 में सत्याग्रह किया था। वाराणसी से आए किसान नेता रामजन्म यादव ने कहा कि यह यात्रा किसानों के साथ -साथ समाज के उन तबकों को भी जोड़ेगी जो व्यवस्था में असहाय होकर पड़े हैं। हमारी यात्रा खेती- किसानी के साथ- साथ आम आदमी के स्वास्थ्य यानी दवाई, छात्रों के भविष्य यानी पढ़ाई, नौजवानों के रोजगार यानी कमाई और परिवारों के खर्चे यानी महंगाई को मुख्य मुद्दा बनायेगी। किसान सभा के जिलाध्यक्ष जनार्दन राम ने कहा कि पिछले एक साल में कोरोना और लॉकडाउन के समय सरकार की लापरवाही और दवाई की अनुपलब्धता और प्रायोगिक चिकित्सा ने लाखों जिंदगियां हमसे छीन ली हैं। पूरा सरकारी तंत्र नकारा साबित हुआ है। ऐसा ही छात्रों के पढ़ाई और नौजवानों के रोजगार के विषय में भी सरकारी अमला पूरे तरीके से फेल साबित हुआ है। सरकार के पास नौजवानों के लिए ना तो दिशा है और ना ही कोई ठोस प्रस्ताव । कृषि भूमि बचाओ मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रामाश्रय यादव ने कहा कि बेरोजगारी हटाने के नाम पर लंबा इंतजार और सरकारी लाठियां ही नौजवानों के हिस्से आ रहीं हैं । महंगाई पर तो सरकार ने लोगों की मेहनत से की गई कमाई को लूटने का मानो पूरा इंतजाम कर रखा है। पहले नोटबंदी, उसके बाद जीएसटी मानो कम थे की अब दैनिक जीवन भी आसमान छूती महंगाई से त्रस्त है। गैस के दाम, बिजली बिल, डीजल और पेट्रोल के साथ-साथ दैनिक उपभोग की चीजों में टैक्स की इतनी वृद्धि कर दी गई है कि अमीरी और गरीबी की खाई बढ़ती चली जा रही। रामबदन सिंह व कुसुम तिवारी ने कहा कि गरीब मेहनत करके पिस रहा है और किसी के चंद पूँजीपति मित्रों की सम्पति दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। व्यवस्था में चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है , प्राकृतिक संसाधनों की बंदरबाट वाली लूट मची हुई है। कुल मिलाकर हालत यह है कि जनता त्रस्त, साहेब मस्त। किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव रमेश यादव ने कहा कि चम्पारण से 2 अक्टूबर को किसान सत्याग्रह लोगों को जगाने और एकजुट जनमत के सवाल को प्रधानमंत्री जी से पूछने के लिए उनके संसदीय क्षेत्र बनारस तक पदयात्रा लेकर जायेंगे। यह पदयात्रा देश के सवालों के जवाब के लिए गांधी के बताये रास्ते "लोकनीति सत्याग्रह" के माध्यम से चंपारण (बिहार) से प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक 324 किलोमीटर की दूरी पदयात्रा की माध्यम से जन जागरण करते हुए पूरा करेगी । यात्रा गांधी- शास्त्री जी के जन्मदिवस दो अक्टूबर से शुरु कर के लगभग अठारह दिनों में बनारस उन्नीस अक्टूबर को पहुंचेगी। इस बैठक में जौनपुर के किसान नेता अरुण सिंह,अमरनाथ यादव,फरीद आलम, राकेश राय, बल्लभाचार्य पांडेय, जितेन्द्र यादव, अखिलेश राय,कुसुम तिवारी, उमेश श्रीवास्तव,घूरा यादव,साजिद यादव, ओमनारायण राय, आदि उपस्थित रहे अध्यक्षता अमेरिका सिंह यादव एवं संचालन रामाश्रय सिंह यादव ने किया।