लगातार हमले कर दो मासूम बच्चों को निवाला बनाने वाला दहशत का पर्याय बना तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए पिजड़े में हुआ कैद
बिछिया बहराइच से अभयजीत प्रजापति की रिपोर्ट
बिछिया(बहराइच)-कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत जंगल से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम चंदनपुर में दो मासूमों की जान लेने के बाद, ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने दो स्थानों पर पिंजरे लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया | दूसरी घटना के स्थान पर लगाए गए दूसरे पिजड़े में देर रात तेंदुआ में कैद हो गया । तेंदुआ के पकड़े जाने के बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली हैं,लेकिन अभी और तेंदुआ होने की आशंका जताई है | मामला मोतीपुर रेंज के बनघुसरी बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदनपुर के मजरा कलन्दरपुर का है । जहाँ रविवार की रात तेंदुए ने आबादी में घुसकर गांव निवासी देवतादीन की छह वर्षीय पुत्री अंशिका को अपना निवाला बनाया था । वहीं शुक्रवार की रात तेंदुए ने चंदनपुर गांव के ही छह वर्षीय बालक अभिनन्दन पर हमला कर उसे मारा था । जिसके बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के बाहर एक पिजड़ा लगाया गया था | एक ही गांव में लगातार हुई ताबड़तोड़ दो घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया था। प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पशु चिकित्सक वीरेन्द्र वर्मा व प्रशिक्षु पीएफएस अधिकारी अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल गन्ने के खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए दूसरा पिंजड़ा लगवाया । पिंजड़ा लगाने के बाद रेंजर महेंद्र मौर्या के नेतृत्व में कई अलग अलग टीमें रात को गश्त करती रही, इस बीच रात लगभग 2 बजे बकरी की लालच में आई मादा तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गई । तेंदुए के पिंजड़े में कैद होने की खबर से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है | लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में और भी तेंदुआ मौजूद होने से इनकार नहीं किया जा सकता। पिंजरे में कैद तेंदुए को वन टीम अपने साथ मोतीपुर वन रेन्ज कार्यालय ले गई । इस अवसर पर प्रशिक्षु पीएफएस अधिकारी अमित कुमार सिंह, मोतीपुर वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र मौर्या, पशु चिकित्सक वीरेंद्र वर्मा, वन दरोगा राजाराम, परिक्रमा दीन, परशुराम त्रिपाठी, स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवान दयानंद कुशवाहा, इफ्तिखार अहमद, मिथिलेश राजपूत आदि मौजूद रहे । इसके बाद मोतीपुर वन रेन्ज अंतर्गत चंदनपुर में पिंजरे में कैद हुए तेंदुए का कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के पशु चिकित्सक डॉ वीरेंद्र वर्मा द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया | डॉ वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि पिंजरे में कैद हुई तेंदुआ मादा है | जिसकी उम्र लगभग ढाई साल है | उम्र के हिसाब से मादा तेंदुआ काफी स्वस्थ और स्वभाव से थोड़ा आक्रामक है | परिच्छड़ के बाद गेरुआ नदी के उस पार घने जंगलों में छोड़ी गई मादा तेंदुआ कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाश दीप बधावन ने बताया कि पकड़े गए मादा तेंदुआ का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों के निर्देशन में गेरुआ नदी के उस पार घने जंगलों में छोड दिया गया साथ मे पशु चिकित्सक ने संबंधित क्षेत्र में तेंदुए के पद चिन्हों के माप आधार पर बताया कि है कि क्षेत्र में दूसरे तेंदुए का मुवमेंट नहीं है | स्थानीय ग्रामीणों के आशंका के दृष्टिगत घटनास्थल पर लगा दूसरा पिजड़ा अभी हटाया नहीं जाएगा |जरूरत हुई तो एक पिजड़ा और लगाया जाएगा | घटना वाले क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक वन टीम लगातार गश्त करते हुए निगरानी रखेगी |