भारत देश को सुंदर बनाने में प्रत्येक देशवासी की अहम भूमिका- श्री भगतसिंह कोश्यारी
**पी एन पाण्डेय**
मुंबई। हिंदी अकादमी, मुंबई द्वारा राजभवन में आयोजित "मातृभूमि भूषण सम्मान-2021" कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्यपाल श्री भगतसिंह कोश्यारी ने सेवानिवृत सैनिकों, साहित्यकारों, समाजसेवियो, तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करते हुए कहा कि- जन्म देने वाली माँ, मातृभाषा एवं मातृभूमि का सम्मान करते हुए भारत देश को सुंदर बनाने में प्रत्येक देशवासी की अहम भूमिका है तथा मुझे विश्वास है कि आगे भी यह भूमिका निभाते रहेंगे। माननीय राज्यपाल जी ने 'हिंदी अकादमी, मुंबई' तथा संस्था द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक, साहित्यिक तथा सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। माननीय राज्यपाल जी ने कहा कि पिछले दिनों देश में आए तूफान, भूस्खलन, अतिवृष्टि तथा कोरोना संक्रमण जैसे तमाम संकटों से निपटने के लिए तथा दिन-रात इस संकट से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेवा में लगे डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों, स्वच्छताकर्मियों, किसानों ने आपसी सहयोग के साथ मदद करने में अहम भूमिका निभाई है। मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं।" इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष- डॉ. प्रमोद पांडेय, उपाध्यक्ष- श्री आलोक चौबे, कोषाध्यक्ष- श्री जितेंद्र तिवारी जी को विशेष रूप से माननीय राज्यपाल जी ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री श्री कृपाशंकर सिंह जी को संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान श्री कृपाशंकर सिंह तथा संस्था के अध्यक्ष- डॉ प्रमोद पांडेय व उपाध्यक्ष- आलोक चौबे की उपस्थिति में मुख्य अतिथि- माननीय राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी के कर-कमलों द्वारा भारतीय जल सेना, थल सेना तथा वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को "मातृभूमि भूषण सम्मान - 2021" प्रदान किया गया। 'मातृभूमि भूषण सम्मान' से सम्मानित होने वालों में- वीर नारी कैप्टन डॉ. कांता मुखर्जी (बी. डी. एस. भारतीय थल सेना), वीर नारी श्रीमती केरझीन फिरदौस मोगल (भारतीय नौसेना), मेजर प्रांजल जाधव (जिला सैनिक अधिकारी- भारतीय थल सेना), सूबेदार विनायक उपाध्ये (भारतीय थल सेना), कंमान्डर विजय वढेरा (नौसेना मेडल, भारतीय नौसेना), कैप्टन कन्नानूर पाडा हरिदासन (भारतीय नौसेना), मास्टर चीफ मुन्नु प्रसाद (भारतीय नौसेना, संस्थापक- माज़ी सैनिक ट्रस्ट), ग्रुप कैप्टन त्रिलोकी भटारा (भारतीय वायु सेना, संस्थापक- भटारा फाउंडेशन), सार्जेंट एडवोकेट दत्तात्रेय अर्जुन उतेकर (भारतीय वायु सेना), कमोडोर बिमन मिस्री (भारतीय नौसेना, अध्यक्ष- मुंबई सेवानिवृत्त सैनिक संगठन) का नाम प्रमुख है। "शिक्षा भूषण सम्मान" से डॉ. मैडम ग्रेस पिन्टो (प्रबंध निदेशक- रयान इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस), श्री मयाशंकर चौबे (शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त शिक्षक), श्री पीयूष शुक्ला (सुप्रसिद्ध रचनाकार तथा संयुक्त आयुक्त- जी.एस.टी.), समाज भूषण -डॉ. सौरभ पाण्डेय (प्रमुख- धराधाम इंटरनेशनल संस्थान) को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में क्रमशः 'साहित्य भूषण', 'समाज भूषण' तथा 'सेवा भूषण' सम्मान से श्री युगराज जैन (सुप्रसिद्ध रचनाकार), श्री राजा भाऊ सेठ (राष्ट्रीय अध्यक्ष- अन्याय निवारण निर्मूलन सेवा समिति, मुंबई), डॉ. मुकेश गौतम (हास्य कवि तथा पर्यावरण संरक्षक), श्री प्रशांत पी. फुलवाने (सुप्रसिद्ध समाजसेवी), श्रीमती रंजू राजेश झा (समाजसेविका तथा प्रबंधक- ए. वी. ग्रुप ऑफ कंपनीज), श्री कमलेश स. नाहर (सुप्रसिद्ध समाजसेवी), श्री प्रवीण राय (सुप्रसिद्ध समाजसेवी), डॉ. प्रकाश जाधव (वरिष्ठ चिकित्सक), डॉ. बालनाथ चकोर (वरिष्ठ चिकित्सक), डॉ. आनन्द पाण्डेय (वरिष्ठ चिकित्सक), एडवोकेट वेदिका अखिलेश चौबे (समाजसेविका व महिला विशेषज्ञ- विधि विभाग), तथा श्री उमेश पाण्डेय (उद्योगपति एवं युवा समाज सेवक) को सम्मानित किया गया। आमंत्रित अतिथि के रुप में उपस्थित महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री श्री कृपाशंकर सिंह जी माननीय राज्यपाल जी द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके उत्साह को प्रेरणादाई बताया। संस्था के अध्यक्ष- डॉ. प्रमोद पांडेय ने मुख्य अतिथि- माननीय राज्यपाल जी का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया तथा मराठी भाषा से अपने वक्तव्य की शुरुआत करते हुए कहा कि- "आज संपूर्ण भारत स्वातंत्र्याचा "अमृत महोत्सव" साजरा करत आहे. आज ही एक अतिशय सुवर्ण संधी आहे की, सन्माननीय राज्यपालांनी "मातृभूमि भूषण सम्मान" या कार्यक्रमाला परवानगीच देउन सेवानिवृत्त सैनिकांना, साहित्यकारांना, समाज सेवकांना सन्मानित करण्यासाठी अत्यंत आदराने आणि सन्मानाने राजभवनात आमंत्रित केले आहे. याचा बद्दल मी आपल्या आभार मानतो." इसी क्रम में लोकमान्य टिळक जी द्वारा कही गई बात "यद्यपि मैं शरीर से बूढ़ा हूं पर उत्साह में जवान हूं।" का उदाहरण देते हुए डॉ. पाण्डेय ने कहा कि- 'जिस महात्मा गाँधी जी ने सबको आजादी की सुबह दिखाई उसी तरह सादा जीवन, उच्च विचार रखने वाले बाबू जी (माननीय राज्यपाल जी) ने हम सबको अपनी उंगली पकड़ाकर राजभवन की राह दिखाई। आज बच्चा-बच्चा आदरणीय बाबूजी का नाम जानता है। हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि हमें ऐसे राज्यपाल मिले जो बिना थके, बिना रुके, एक अनथक राही की तरह आगे चलते जा रहे हैं।" संस्था के उपाध्यक्ष- आलोक चौबे ने आमंत्रित अतिथि श्री कृपाशंकर सिंह जी (पूर्व गृह राज्यमंत्री- महाराष्ट्र) का पुष्पगुच्छ से स्वागत करते हुए कार्यक्रम का सफल संचालन किया। हिंदी अकादमी, मुंबई महिला समिति की उपाध्यक्ष- डॉ उमा सिंह ने सरस्वती वंदना तथा अपनी सुमधुर आवाज में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि तथा उपस्थित लोगों ने उमा सिंह की सराहना की। इस अवसर पर प्रमुख सलाहकार एडवोकेट अखिलेश चौबे, मुख्य अध्यापिका श्रीमती मार्गरेट पार्सेकर, डॉ. स्नेहल पिन्टो, अंसार कुरेशी, ताराचंद जैन, अमित मिश्रा, संदीप पांडेय समेत तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।