सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद*
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडे की रिपोर्ट
भांवरकोल गाजीपुर 19 अगस्त क्षेत्र के कर ईल इलाके में बाढ़ का पानी लगा हुआ है। जिसके चलते किसानों द्वारा रोपी गई सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसानों को भारी क्षति हुआ है। साथ ही पशुओं के लिए लगाए गए हरा चारा डूब जाने से पशुपालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशासन द्वारा कई इलाकों के किसानों की सुधि न लिए जाने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र के कईल इलाके से होकर गुजरने वाली मंगई नदी में गंगा के दबाव से उल्टी धारा द्वारा घुसा पानी अपनी चपेट में सैकड़ों बीघा धान की फसल को ले लिया, जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई। खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी लगा हुआ है। लंबे समय से खेतों में बाढ़ का पानी लगे होने के कारण जो धान की फसल पानी में नहीं डूबा था वह गल कर नष्ट हो गया है। बाढ़ के पानी के चलते करईल इलाके के अमरुपुर ,तड़का ,अलापुर जगदीशपुर , सुरनी ,बसनिया सियाडी ,बलियरिया, सरदरपुर, फतुलहां, गोड़ऊर ,महेंद्र, सोनवानी, दर्जनभर गांव के किसानों कीधानफसल बरबाद हो गया है।  इसके साथ ही किसानों द्वारा पशुओं को खिलाने के लिए लगाए गए हरा चारा भी पानी में डूब गया है। जिससे किसान अपने जानवरों को केवल सूखा भूसा खिलाने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा अभी तक करईल इलाके के पूर्वी छोर पर मंगई नदी से सटे गांवों के किसानों की कोई सुध नहीं ली गई है। जिससे इन इलाके के किसानों में आक्रोश है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग सहित जिला प्रशासन के लोगों को चाहिए कि इस इलाके में भी आकर बाढ़ से किसानों के हुई क्षति का आकलन कर उसकी रिपोर्ट तैयार की जाना चाहिए। जिससे कि किसानों को फसल बीमा सहित अन्य लाभ मिल सके।