तीन दशकों से देवरिया और कुशीनगर के बीच झूल रहे हैं चार गांव की समस्या होग दूर-एसपी
कमलाकर मिक्ष की रिपोर्ट
तीन दशकों से देवरिया और कुशीनगर के बीच झूल रहे हैं चार गांव, अब दूर होंगी सभी मुश्किलें 27 साल पहले कुशीनगर देवरिया से अलग होकर नया जिला बना। मगर देवरिया जिले के 4 गांवों की तहसील देवरिया और थाना कुशीनगर जनपद में हो गया। जिससे इन लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ती है। शीघ्र ही इनकी समस्या दूर होने वाली है। बताते चलें कि कुशीनगर जिलों के बीच झूल रही चार गांवों की लगभग दस हजार आबादी की मुश्किलें जल्‍द ही दूर होने वाली है। चारों गांवों को अब पूरी तरह देवरिया जिले में ही जोड़ दिया जाएगा। अभी तक इन गांवों के तहसील और ब्‍लॉक देवरिया जिले में और थाना कुशीनगर जिले में पड़ता था। इससे यहां के लोगों को राजस्व संबंधित मामले के लिए देवरिया और पुलिस संबंधित मामले के लिए कुशीनगर जाना पड़ता था। मगर अब इन गांवों का थाना भी देवरिया जिले में ही हो जाएगा। कुशीनगर जिला पहले देवरिया का ही हिस्सा हुआ करता था। 13 मई 1994 को देवरिया जिले का विभाजन का कुशीनगर को नया जिला बनाया गया। दोनों जिलों की विधानसभा, तहसील, ब्लॉक, थाना और गांव सब कुछ अलग-अलग कर दिया गया। मगर देवरिया जिले के गौरी बाजार ब्लॉक के बसंतपुर और बेलवां पांडेय और बैतालपुर ब्लॉक के अमवां और करंज गांवों का ब्लॉक और तहसील देवरिया और थाना कुशीनगर ज‍िले की हाटा कोतवाली में हो गया। इसके चलते इन चारों गावों की लगभग दस हजार आबादी दोनों जिलों के बीच त्रिशंकु बनकर रह गई। दो जिलों के चलते सर्टिफिकेट बनवाने में होती है दिक्कत तहसील और थाना अलग-अलग जिलों में होने के चलते यहां के लोगों का राजस्व संबंधित मामला देवरिया और पुलिस संबंधित मामलों का निपटारा कुशीनगर जिले में होता है। इससे समय के साथ साथ पैसे की भी बर्बादी होती है। क्योंकि इन चारों गांवों की देवरिया से दूरी 25 से 30 किलोमीटर जबकि कुशीनगर जिला मुख्यालय से दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। हैसियत, चरित्र प्रमाण पत्र, पासपोर्ट , लाइसेंस बनवाने के लिए लेखपाल की रिपोर्ट देवरिया और थानेदार की रिपोर्ट के लिए कुशीनगर जाना पड़ता है। इसकी वजह से फाइलें महीनों तक पड़ी रहती है और प्रमाण पत्र नहीं बन पाता है। झगड़ा बवाल के मामलों में देवरिया के अधिकारियों का आदेश कुशीनगर जिले की पुलिस तवज्जों नहीं देती थी। इससे मामला सुलझने के बजाय और उलझ जाता था। जल्‍द दूर होगी मुश्किल, तैयारी शुरू--- पुलिस अधीक्षक डा. श्रीपति मिश्र ने बताया कि इन चारों गांवों के लोगों को इन मुश्किलों से निजात दिलाने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है। इसमें अमवां, बसंतपुर और करंज गांव को कुशीनगर जिले की हाटा कोतवाली से हटाकर देवरिया जिले के महुआडीह थाने में और बेलवां पाण्डेय को गौरीबाजार थाना से जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए सभी कागजात तैयार कर लिया गया है। इन चारों गांवों की तहसील और ब्लॉक तो देवरिया जिले में पहले से था अब थाना भी देवरिया जिले में ही हो जाएगा। लोगों की मुश्‍क‍िल होगी आसान जिला पंचायत सदस्य कमलेश पांडेय ने बताया कि थाना और तहसील अलग-अलग जिलों में होने के चलते यहां के लोगों का कागजात जल्दी नहीं बन पाता है। इस समस्या के समाधान के लिए सालों से थाना बदलने की मांग की जा रही थी। कई बार शासन को पत्र भी लिखा गया। अब इन चारों गांवों का थाना भी देवरिया जिले में हो जाने से यहां के लोगों की मुश्किल आसान हो जाएगी।