किसानो को जागरूक करते हुए किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता
तहसील प्रभारी विक्रम सिंह रिपोर्टर
महसी * ग्राम सिसैय्या चूरामणि ब्लाक महसी जनपद बहराइच में किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता व रामनिवास सिंह क्षेत्रीय सदस्य अध्यक्ष किसान मोर्चा के ने किसानों को बताया कि खेती कैसी कि जाये और खेती में उपज कैसे बढाये इस बात को लेकर किसानों को बताया कि खेतों मे हम अपनी खुद कि बनाई हुई खाद डाले जिससे उपज बढ़ेगी और बजार से खाद व किटनाशक दवा ना डाले जिससे हमारी खेत कि जो उर्वरक शक्ति कम हो जाती हैं जिससे हमारी उपज कम हो जाती है भारत वर्ष में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की मुख्य आय का साधन खेती है। हरित क्रांति के समय से बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए एवं आय की दृष्टि से उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है अधिक उत्पादन के लिये खेती में अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरको एवं कीटनाशक का उपयोग करना पड़ता है जिससे सीमान्य व छोटे कृषक के पास कम जोत मेें अत्यधिक लागत लग रही है और जल, भूमि, वायु और वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है साथ ही खाद्य पदार्थ भी जहरीले हो रहे हैे। इसलिए इस प्रकार की उपरोक्त सभी समस्याओं से निपटने के लिये गत वर्षो से निरन्तर टिकाऊ खेती के सिध्दान्त पर खेती करने की सिफारिश की गई, जिसे प्रदेश के कृषि विभाग ने इस विशेष प्रकार की खेती को अपनाने के लिए, बढ़ावा दिया जिसे हम ''जैविक खेती'' के नाम से जानते हेै। भारत सरकार भी इस खेती को अपनाने के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है।किसानो को जागरूक करते हुए किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता तहसील प्रभारी विक्रम सिंह रिपोर्टर महसी * ग्राम सिसैय्या चूरामणि ब्लाक महसी जनपद बहराइच में किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता व रामनिवास सिंह क्षेत्रीय सदस्य अध्यक्ष किसान मोर्चा के ने किसानों को बताया कि खेती कैसी कि जाये और खेती में उपज कैसे बढाये इस बात को लेकर किसानों को बताया कि खेतों मे हम अपनी खुद कि बनाई हुई खाद डाले जिससे उपज बढ़ेगी और बजार से खाद व किटनाशक दवा ना डाले जिससे हमारी खेत कि जो उर्वरक शक्ति कम हो जाती हैं जिससे हमारी उपज कम हो जाती है भारत वर्ष में ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है और कृषकों की मुख्य आय का साधन खेती है। हरित क्रांति के समय से बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए एवं आय की दृष्टि से उत्पादन बढ़ाना आवश्यक है अधिक उत्पादन के लिये खेती में अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरको एवं कीटनाशक का उपयोग करना पड़ता है जिससे सीमान्य व छोटे कृषक के पास कम जोत मेें अत्यधिक लागत लग रही है और जल, भूमि, वायु और वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है साथ ही खाद्य पदार्थ भी जहरीले हो रहे हैे। इसलिए इस प्रकार की उपरोक्त सभी समस्याओं से निपटने के लिये गत वर्षो से निरन्तर टिकाऊ खेती के सिध्दान्त पर खेती करने की सिफारिश की गई, जिसे प्रदेश के कृषि विभाग ने इस विशेष प्रकार की खेती को अपनाने के लिए, बढ़ावा दिया जिसे हम ''जैविक खेती'' के नाम से जानते हेै। भारत सरकार भी इस खेती को अपनाने के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है।संजय त्रिवेदी मंडल अध्यक्ष महसी , शशिकांत त्रिपाठी मंडल अध्यक्ष तेजवापुर, योगेश्वर सिंह कार्यसमिति मंडल अध्यक्ष महसी , भवन मिश्रा महामंत्री महसी , यज्ञ नारायण मिश्रा जिला कार्यसमिति सदस्य, धर्मेंद्र शुक्ला, मदन मिश्रा, तालुकदार सिंह, हितेंद्र सिंह, अभिनव प्रताप सिंह, सूर्यांश सिंह, विनोद सिंह, सरवन शुक्ला, बृजेश मिश्रा, सिद्धनाथ शर्मा, शिवा सिंह, रवि सिंह, राम मिलन यादव, राजेंद्र आर्य, रामकिशोर शर्मा, तिलंगा सिंह, मालती सिंह, मीटिंग में मौजूद रहे सभी लोग