असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड, होगें कई फायदे
सुभाष सिंह की रिपोर्ट सीएससी केन्द्रों के माध्यम से अब देशभर के सभी असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड इ-श्रम पोर्टल से बनाए जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार देशभर में 43.7 करोड़ असंगठित वर्कर विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनका कार्य की प्रकृति के अनुसार वर्ग विभाजन कर खाका तैयार किया जा रहा है ताकि इनके उत्थान के लिए विबिन्न कल्यांकरारी योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके। जिले की बात करें तो जनपद में हजारों असंगठित श्रमिक हैं जिनको पंजीकृत सीएससी केन्द्रों के मध्यम से किया जायेगा और सभी पंजीकरण निशुल्क होगा || पंजीकरण के उपरांत मिलने वाले लाभ- यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है का खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जो कि मंत्रालय और सरकार ने चलाई हैं उन्हें आसनी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। श्रमिकों की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी। जैसे कोरोना काल में इन्हें इनके घर तक पहुंचाना, खाने की व्यवस्था करना इत्यादि। रोजगार के अवसर भी इनके लिए इनके वर्ग के हिसाब से सरकार सृजित कर सकेगी, साथ ही यदि कहीं किसी विशेष वर्ग के मजदूरों की जरूरत होगी तो इसी यूनिक आईडी के माध्यम से इन लोगों को सूचित भी किया जा सकेगा। पंजीकरण के लिए योग्यता आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक का पीएफ(EPFO) और ईएसआई(ESIC) खाता नहीं होना चाहिए और ना आयकर का भुगतान करता हो। आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए। आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए क्या होना चाहिए आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए, बैंक का खाता और मोबाइल फोन नंबर यह आवेदन के लिए अनिवार्य हैं। कौन करवा सकता हैं पंजीकरण – छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करने वाले, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी-फड़ी वाले, न्यूजपेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो रिक्शा संचालक, मनरेगा वर्कर, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, आशा वर्कर, चाय विक्रेता व ऐसे मजदूर जोकि किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े सभी यूनिक आईडी बनवा सकते हैं। जिले के सभी सीएससी केन्द्रों पर ये सुविधा उपलब्ध होगी और सभी असंगठित श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण कर कार्ड दिया जायेगा| इसकी जानकारी ग़ाज़ीपुर के सी एस सी जिला प्रबंधक तौसीफ अहमद ने दिया।