डिजिटल तकनीक का सहारा लेकर पढ़े संतकबीरनगर,बढ़े संतकबीरनगर का मान बढ़ा रहे जिले के शिक्षक
दुर्गा दत्त मिश्र की रिपोर्ट
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद संतकबीरनगर उत्तर प्रदेश की व्यायाम शिक्षिका सोनिया ने कहा कि लॉकडाउन में डिजिटल प्लेटफार्म के सहारे सभी बच्चो का जीवन संवार रहे हमारे जिले के सभी शिक्षक। जिले के सभी शिक्षकों का कहना है कि हम सब का लक्ष्य है की पढ़े संतकबीरनगर, बढ़े संतकबीरनगर। जिले के सभी अध्यापकों ने शिक्षा में डिजिटल तकनीकी का प्रयोग से बच्चों को शिक्षकों ने पढ़ाने के तरीकों को भी बदल दिया है। महामारी के दौरान डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए ऑनलाइन शिक्षा को मुख्यधारा में शामिल किया गया है। इससे यह भी सच सामने आया कि प्रत्येक छात्र के पास शिक्षा ग्रहण करने या कुछ सीखने की अपनी अनोखी कला होती है। जिसे ई लर्निंग के जरिए और धार दी जा सकती है। कोविड-19 के बाद पूरी दुनिया में शिक्षा का एक मिश्रित रूप देखने को मिला। जिसके लिए हमें और भी इनोवेशन करने होंगे। हम सबको पारंपरिक शिक्षा से ऊपर उठकर नित नए-नए नवाचार माध्यम से छात्रों को शिक्षा देनी होगी।जिससे स्टूडेंट को आमने-सामने बिठा कर पढ़ाने के अलावा डिजिटल दुनिया से भी जोड़ा जा सके। भविष्य की पाठशाला में डिजिटल टेक्नोलॉजी की मुख्य भूमिका होगी ।जो छात्रों को आमने-सामने शिक्षा पर बल देगी ।स्कूलों की महत्ता इसमें कहीं से भी कम नहीं होगी ।लेकिन ऑनलाइन प्लेट फॉर्म के मदद से बच्चे अपनी बुनियादी एवम् कंसेप्ट को सुदृढ़ कर सकेंगे।वे घर बैठे संपूर्णता में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। कोविड-19 के कारण जब स्कूलों एवं शैक्षिक संस्थानों को अस्थाई तौर पर बंद करना पड़ा था। तो हम सभी शिक्षकों की पूरी कोशिश रही की बच्चों को शिक्षा अनवरत जारी रखा जा सके। डिजिटल खाई को भरना एक मुख्य चुनौती रही है। आज भी बहुत कम बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल पा रहा है। हम सब मिलकर टेक्नोलॉजी के जरिए कमी को भर जा सकता है स्मार्टफोन से शिक्षा के जरिए हम सुदूर क्षेत्रों के बच्चों को लाभ पहुंचा सकते हैं। सबके लिए शिक्षा कार्यक्रम के तहत हम पढ़े संतकबीरनगर ,बढ़े संतकबीरनगर के ग्रामीण इलाकों के उन बच्चों तक पहुंचे हैं ।जो कि कोविड के कारण शिक्षा से वंचित थे। हमारा सभी का मकसद ग्रामीण क्षेत्र के लड़के- लड़कियों की मदद करना है। दुनिया भर में फैली इस वैश्विक महामारी ने लोगो के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव लेकर आया।इस महामारी में देशव्यापी लॉकडाउन लगा था । इसी दौरान डिजिटल प्लेटफार्म ही लोगो का सहारा बना। डिजिटल प्लेटफार्म के सहारे बच्चो का जीवन संवार रहे जिले के सभी शिक्षक। ओर जिले का मान भी बढ़ा रहे है सभी शिक्षक।