डीएम ने डेंगू के मरीजों की जांच हेतु सभी तैयारियां पूर्ण करने का दिया निर्देश
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
देवरिया- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की दैनिक समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा आलोक पाण्डेय को निर्देश दिया है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन में ऐसे क्षेत्रों पर ज्यादा जोर दिया जाए, जहां वैक्सीनेशन मेगा कैम्प अभी तक न लगा हो, ऐसे गांवों का चयन प्राथमिकता से करते हुए मेगा कैम्प लगा कर सुचारु रुप से वैक्सीनेशन कराएं। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने का भी निर्देश दिया और कहा कि सभी एमओआईसी डोर-टू-डोर जागरुकता अभियान भी संचालित करें, जिससे लोग अधिक से अधिक संख्या में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में भाग लें। जिलाधिकारी ने कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग को विशेष सर्तकता बरतने को कहा। उन्होने कहा कि जिन क्षेत्रों में कोविड के संदिग्ध मरीज मिलते हैं, वहां पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ कराना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए, अन्यथा की स्थिति में संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्यवाही भी की जायेगी। जिलाधिकारी श्री निरंजन ने सभी सीएचसी व पीएचसी के प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे एक टीम गठित कर सर्दी, खांसी, बुखार, सांस फुलने आदि जैसे लक्षण वाले व्यक्तियों को सीएचसी व पीएचसी पर लाकर जांच अवश्य कराएं, जिससे कि ससमय यह निर्धारण हो सके कि उक्त व्यक्ति किस प्रकार की बीमारी से ग्रसित है एवं समय रहते उसका समुचित इलाज किया जा सके। जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान कहा कि डेंगू एवं वेक्टर जनित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता बरतने के साथ-साथ इसके रोकथाम के लिए पहले से तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होने डीडीटी छिड़काव और संचारी रोग से जुड़े जन जागरूकता अभियान चलाने पर बल देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग ब्लाक स्तर पर डेंगू के संदिग्ध रोगियों की जांच हेतु टेस्टिंग किट की व्यवस्था सहित सभी तैयारियां पूर्ण कर ले। समीक्षा बैठक में सीडीओ रवींद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आलोक पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारीगण आदि जुडे रहे।