डीएम ने मिलावटखोरों को दी कड़ी कार्यवाही की चेतावनी
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया -जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध प्रवर्तन और जन जागरूकता फैलाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी।जिलाधिकारी ने कहा कि दुग्ध पदार्थ से बने उत्पाद में मिलावट रोकने के लिए विभाग को विशेष पहल करने की आवश्यकता है। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए अभी से उपभोक्ताओं को शुद्ध उत्पाद मिले यह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने विभाग को जन-जागरूकता के जरिए उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने पर बल दिया, जिससे उपभोक्ता दुग्ध उत्पाद खरीदते समय स्वयं ही उसकी शुद्धता की परख कर ले। इस कार्य में प्रशासन के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थाओं को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। दुग्ध उत्पादन में प्रयोग होने वाले ऑक्सीटॉसिन इंजेक्शन के प्रयोग के प्रतिबंध को अत्यंत कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऑक्सीटॉसिन और इसके जैसे अन्य वैकल्पिक दवा के प्रयोग से मानव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और लोग कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जून माह से सरसों के तेल में किसी भी प्रकार के ब्लेंडिंग की अनुमति नहीं है। सरसों का तेल शुद्ध रूप में बिकना चाहिए। इसमें किसी भी अन्य प्रकार के तेल जैसे रिफाइंड,वनस्पति घी इत्यादि की मिलावट नहीं होनी चाहिए।बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र ने कहा कि जागरूकता ही मिलावट का समाधान है। इसके लिए संबंधित विभाग को जागरूकता वैन चलानी चाहिए। साथ ही व्यापार मंडल को भी नकली उत्पाद बेचने वाले व्यापारी को अपने संगठन से बाहर करना चाहिए, जिससे ऐसे लोगों को सबक मिल सके। बैठक में जिला उद्योग मंडल के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी, ईओ नगर पालिका रोहित सिंह, डीपीआरओ अविनाश कुमार, आरसी पांडेय सहित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।