अयोध्या के उत्पादों का प्रतिष्ठा भी बढ़ाएगा लोक परंपराओं का दीपोत्सव
अमित सिंह की रिपोर्ट ==============
अयोध्या ======राम नगरी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाला दीपोत्सव अयोध्या के स्थानीय उत्पादों की कीर्ति को भी देश दुनिया में फैल आएगा| इसके लिए पांचवी दीपोत्सव पर शिल्प मेला के रूप में एक नई कड़ी को जोड़ा जाएगा|लोक परंपराओं को प्रसिद्धि दिलाने वाले दीपोत्सव में पहली बार स्थानीय उत्पादों की श्रृंखला भी देखने को मिलेगी| गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आने के लिए साढ़े सात लाख दीयों से राम की पैड़ी को जगमगाने की तैयारी है| तो वही शिल्प मेला में इस बार का खास आकर्षण होगा, इस मेले में अयोध्या के स्थानीय उत्पाद खड़ाऊ, गुड़,रामनामी गमछा, मंदिर मॉडल आदि खरीद एवं प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध होंगे| दीपोत्सव पर चल रही विभागीय तैयारियों पर नजर डालें तो पता चलता है कि गत वर्ष दीपमाला के साथ संस्कृत कार्यक्रम एवं रामायण पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र थी, लेकिन इस बार कई नयी कड़िया दिखेंगी| विभागीय तैयारियां 1 नवंबर से दीपोत्सव के आरंभ होने का संकेत देती हैं|3 नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य पर्व होगा| 4 नवंबर को दीपावली है|पर्यटक एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए अब की बार नगर निगम की विस्तारित सीमा तक प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे|इनकी संख्या 20 होगी जिनके लिए टेंडर निकालने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, शिल्प मेला एवं द्वार अन्य जिम्मेदारियां पर्यटन विभाग संभालेगा|शिल्प मेले को लेकर प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम की ओर से दिशा निर्देश मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर इसका स्वरूप तय किया जा रहा है|दीपोत्सव के अवसर पर रामकथा संग्रहालय में डिजिटल माध्यम से रामायण के प्रसंग देखने को मिलेंगे|पिछले वर्ष अयोध्या से राम कथा पार्क तक 11 झांकियां निकाली गई थी| इस बार झांकियों की संख्या 11 से अधिक रखना प्रस्तावित किया गया है|जिसमें अयोध्या के अतिरिक्त विभिन्न प्रांतों के कलाकारों का दल शामिल होगा | पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अपनी तैयारी आरंभ कर दी है|हालांकि 15 सितंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दीपोत्सव को लेकर होने वाली बैठक में कई मामलों में अंतिम निर्णय लिया जाएगा|क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि शिल्प मेला लगाया जाना प्रस्तावित है|राम कथा पार्क के आसपास का क्षेत्र के लिए देखा जा रहा है|यहां आराम से 40 से 50 दुकानें लगाई जा सकती है|