पहले दिन बच्चों से गुलजार हुए स्कूल , बीईओ ने किया औचक निरीक्षण
विमल मिश्रा की रिपोर्ट
*बच्चों की चहलकदमी से सूने पड़े स्कूलों में लंबे समय बाद दिखी रौनक
लखीमपुर खीरी।कोविड - 19 की वजह से पिछले कई महीनों से बच्चों बिन सूने पड़े प्राथमिक स्कूल आज बच्चों से गुलजार दिखे।स्कूल के कमरों की फर्श और दीवारें भी बच्चों से अठखेलियाँ करती दिखीं।बहुत दिन बाद इन स्कूलों में ऐसी रौनक दिखी।वरना बच्चों के बिना तो अभी तक यह स्कूल परिसर नीरस ही नजर आता था।बच्चे भी बहुत दिन बाद पीठ पर बस्ता लादकर स्कूल आकर काफी खुश दिखे।स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति भी अच्छी रही। कोविड - 19 की वजह से स्कूलों में पठन-पाठन पिछले कई महीनों से बंद था।इधर संक्रमण में काफी कमी आने के बाद धीरे-धीरे शासन द्वारा स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया।कक्षा छः से आठ तक के स्कूल 23 अगस्त से ही खोले जा चुके हैं।एक सितंबर से प्राथमिक स्कूल खोलने का निर्णय भी शासन द्वारा लिया गया।बुधवार को इन स्कूलों के खुलने का पहला दिन था।इसके लिए विभाग और शिक्षकों द्वारा सारी तैयारियां पहले ही कर ली गईं थीं।पहले दिन इन स्कूलों में आने वाले बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।यह उत्साह भला होता भी क्यों न।लंबे समय बंद रहने के बाद स्कूल खुले तो बच्चे भी अपनी पूरी लय में नजर आए।शायद इतने लंबे समय तक अपने घरों तक सिमटकर रह जाने वाले बच्चे भी ऊब गए थे।अब वे पढ़ना चाहते थे।उनकी यही चाहत पहले दिन ही उन्हें पूरे उत्साह के साथ स्कूल की तरफ खींच लाई।स्कूल का एक-एक कोना भी आज लंबे समय बाद बच्चों का साथ पाकर आनंदमय नजर आ रहा था।अभी तक जो स्कूल बच्चों के बिना सूने-सूने नजर आते थे,आज वह अपनी पूरी चमक और खुशी के साथ बच्चों का स्वागत कर रहे थे।स्कूल परिसरों में लगे पेड़-पौधे भी बच्चों का साथ पाकर झूम रहे थे।काश ! अब इस मनोहारी दृश्य को कोविड - 19 की नजर न लगे ताकि पढ़ाई आगे भी निर्बाध रूप से चलती रहे। *निघासन खीरी।* प्राथमिक स्कूलों के खुलने के पहले दिन निघासन बीईओ ओंकार सिंह ने न केवल एक प्राथमिक विद्यालय में मौजूद रहकर शिक्षा सत्र का आरंभ करवाया बल्कि उसके बाद प्राथमिक विद्यालय खैरहनी सहित कुछ विद्यालयों का औचक निरीक्षण भी किया।औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से श्यामपट्ट पर गणित के कुछ सवाल भी लगवाए और सही हल करने पर बच्चों को शाबासी देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।निरीक्षण के दौरान उन्हें जहाँ कोई कमी दिखी,उसे तुरन्त दुरुस्त करवाने के लिए संबंधित शिक्षकों को निर्देश भी दिए।बीईओ ने बताया कि अधिकांश स्कूलों में उन्हें सारी व्यवस्थाएं चाक - चौबंद मिलीं।