राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए पीठासीन अधिकारी और अधिवक्ताओं के साथ की गयी बैठक
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के आदेशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु मोटर दुर्घटना वाद से संबंधित विद्वान अधिवक्ताओं के साथ न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण देवरिया में बैठक आहूत की गयी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश कृष्ण यादव ने समस्त विद्वान अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित वादों का निस्तारण किया जाना हैं जिससे संबंधित पत्रावलियों को संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र के माध्यम से लगवाकर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण कर लाभ उठा सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान ने कहा कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों से संबंधित समस्त विद्वान अधिवक्तओं को अभी से मामलों को चिन्हित करने की आवश्यकता हैं जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक संख्या में मामलों का निस्तारण किया जा सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 11सितंभर दिन शनिवार को सुनिश्चित किया गया हैं जिसमें व्यापक स्तर पर बैंक, बीमा, राजस्व, विद्युत, जल, सर्विस में वेतन एवं भत्ते, सिविल, श्रम अन्य लघु अपराधिक मामलें तथा प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया जाना हैं। न्यायाधीश द्वारा यह भी कहा गया कि उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में शासन द्वारा जारी कोविड-19 से संबंधित गाइडलाइन का अक्षरशः पालन किया जायेगा।इस बैठक में मुख्य रूप से विद्वान अधिवक्ताओं जिनमें सतीशचन्द्र वर्मा, आर0के0यादव, अजीत कुमार, सतीश चन्द्र, विष्णु कुमार, आर0पी0, सत्येन्द्र नाथ, नरेन्द्रनाथ, सुदामा, अजय कुमार, अभय कुमार, अशोक, राजन, नरेन्द्र यादव, आशाराम, संजय कुमार, सुशील कुमार एवं उमेश कुमार उपस्थित रहे।