संतान की दीर्घायु के लिए महिलाओ ने रखा निर्जला व्रत
जयंत यादव क्राइम रिपोर्टर गाजीपुर
गाजीपुर। पुत्र की सलामती की कामना को लेकर बुधवार को जीवित्पुत्रिका का पर्व जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का निर्जल व्रत रखा। कई इलाकों में महिलाओं ने गंगा स्नान के बाद पूजा पाठ किया और जिउतिया की कथा का श्रवण किया। महिलाओं ने प्रतीक के रूप में सोने या चांदी की जिउतिया को गले में धारण किया। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पुत्र पर आया संकट टल जाता है। पर्व के मद्देनजर महिलाओं ने बुधवार को भोर से ही निर्जल व्रत शुरू कर दिया। दोपहर बाद महिलाएं गंगा स्नान के लिए विभिन्न घाटों पर पहुंचीं। स्नान के बाद पूजा पाठ और दान पुण्य किया। इसके बाद गंगा घाटों, घरों और मंदिरों में आचार्यों ने जिउतिया की कथा का वाचन किया। कथा श्रवण के बाद पूजा की थाली अथवा पात्र में रखे सोने या चांदी की जिउतिया को महिलाओं ने धारण किया। जिस महिला के जितने पुत्र होते हैं, वह उतनी संख्या में जिउतिया धारण करती है। शहर के ददरीघाट, कलक्टर घाट, चीतनाथ घाट सहित अन्य कई स्थानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। दोपहर बाद से ही महिलाएं गंगा तटों की ओर जाने लगी थीं। इसके अलावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के गंगा तटों पर भी व्रती महिलाओं की भीड़ रही। जिले के मुहम्मदाबाद, जमानिया, औड़िहार, सुहवल, मरदह, सादात, दिलदारनगर, भांवरकोल, रेवतीपुर, सेवराई, कासिमाबाद, सिधागरघाट, नंदगंज, देवकली, दुल्लहपुर, भीमापार, खानपुर, दुबिहा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में परंपरागत ढंग से जीवित्पुत्रिका का पर्व मनाया गया।