डेंगू से बचाव हेतू सतर्क स्वास्थ्य महकमा
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर-स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के कई जनपदों से डेंगू तथा अन्य संक्रामक बीमारियों के संक्रमण की सूचना प्राप्त हुई है। इससे इन बीमारियों के प्रभावी रोकथाम के लिए गाजीपुर में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी हरगोविंद सिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय एवं सभी सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट करते हुए उपचार संबंधी व्यवस्थाएं उपलब्ध करा दी गई है। निगरानी समितियों के माध्यम से बुखार तथा कोविड के लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 7 से 16 सितंबर के मध्य राज्य मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार एक विशेष अभियान संचालित कर बुखार के मरीजों की पहचान करते हुए उनकी जांच कराई जाएगी तथा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्य चिकित्साधिकारी ने लोगों से अपील किया है कि उपरोक्त अभियान में घर-घर जाने वाली सर्वेक्षण टीमों को सहयोग प्रदान करते हुए सही सूचनाएं उपलब्ध कराए। अपर सीएमओ डा. डीपी सिन्हा ने बताया कि शरीर में दर्द, तेज बुखार, सर में दर्द और उल्टी आना डेंगू बीमारी के लक्षण है। उन्होंने बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर हमारे घरों के अंदर तथा आसपास के कंटेनरों जैसे, कूलर, पानी की टंकियों, फूल के गमलो, बेकार पड़े टायरों, प्लास्टिक की बोतलों-ग्लासों, नारियल के खोल आदि में सप्ताह भर से ठहरे हुए साफ अथवा बरसात के पानी में पनपना है। अतः इसके प्रजनन को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि कूलरों के पानी को निकाल दें तथा उसे अच्छी तरह से साफ कर घंटे भर पश्चात ही दूबारा पानी भरे, यह प्रकियां प्रत्येक सप्ताह दुहराए। पानी की टंकी के ढक्कन को पूरी तरह बंद रखे। निष्प्रयोज्य वस्तुओं, जिनमें पानी जमा हो, को नष्ट कर दें। घरो तथा आस पास साफ-सफाई का ध्यान रखे। डेंगू का मच्छर दिन में तथा शरीर के निचले हिस्से में काटता है, अत: पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे। घरो में पर्याप्त प्रकाश तथा हवा की व्यवस्था रखे। बीमार होने पर आशा, ए.एन.एम. अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर सम्पर्क करे, जहां जांच एवं उपचार की सभी सुविधाए निःशुल्क उपलब्ध है।