पढ़ेगी बेटी बढ़ेगी पीढ़ी
हुलास चंद्र यादव जखनिया प्रभारी
गाजीपुर:जखनियां- आज डॉटर्स डे है। इसी अवसर पर बेटी दिवस भी मनाया जाता है इसी क्रम में आज सभी बेटी को दीर्घायु एवं स्वावलम्बी होने की शुभकामनाएं दी।और बताया कि इस दिन का इतिहास बहुत खास है।लड़के की तुलना में लड़कियों का लिंगानुपात कम होता देख अंतर्राष्ट्रीय तौर पर डॉटर्स डे मनाने का निर्णय लिया गया।यह हर साल सितंबर महीने के चौथे रविवार को मनाया जाता है।इसका मुख्य मकसद लोगों को बेटियों के प्रति सम्मान और स्नेह के लिए जागरुक करना है।यह दिन बेटियों को समर्पित होता है। मनुस्मृति में स्पष्ट लिखा है- *यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।* *यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः।।* भावार्थ यह है कि जहां नारियों की पूजा होती है। वहां, देवता वास करते हैं। वहीं,जहां नारियों कीपूजा नहीं होती है, उनका सम्मान नहीं होता है।उस स्थान पर किए गए समस्त अध्यात्म और अच्छे कर्म सफल नहीं होते हैं।वर्तमान समय में लोग बेटियों को बोझ समझते हैं।वहीं,समाज में व्याप्त मानसिक संकीर्णता के चलते बेटियां दहेज़ और दुराचार की शिकार हो जाती हैं।यह अहसास दिलाने के लिए बेटियां कितनी अनमोल हैं।हर साल सितंबर महीने में बेटी दिवस मनाया जाता है।इस मौके पर लोग अपनी बहू और बेटी कोडॉटर्स डे' की शुभकामनाएं देते हैं। "बेटी को चांद जैसा मत बनाओ कि हर कोई घूर घूर के देखे। उसे सूरज जैसा बनाओ ताकि घूरने से पहले नजर झुक जाए"।। बेटी दिवस की शुभकामनाएं।