160 गांव में मंगलवार को आयोजित होगा ग्राम समाधान दिवस
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया-जनपद में 'ग्राम समाधान दिवस' का आयोजन शासन की मंशा के अनुरूप ही तहसील दिवस और थाना दिवस के तर्ज पर एक अभिनव प्रयोग के रूप में हो रहा है। 'ग्राम समाधान दिवस' तहसील दिवस और थाना दिवस के उद्देश्यों की पूर्ति में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। यह बातें जिलाधिकारी ने आज सिविल लाइन स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, राज्य द्वारा प्रदत्त सेवा की गुणवत्ता, अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था विकास की मूल आवश्यकताएं होती हैं। ग्राम समाधान दिवस इन सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने में उपयोगी सिद्ध होगा। इससे प्रशासन जनता द्वार पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर अधिकांश शिकायतें राजस्व, पुलिस, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग से जुड़ी होती हैं जिनके समाधान के लिए नागरिक ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर आते हैं, जिसमें उनका समय तथा धन दोनों खर्च होता है। ग्राम समाधान दिवस के लागू होने के उपरांत नागरिकों का धन तथा समय दोनों बचेगा। जिला अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को 160 गांव में ग्राम समाधान दिवस का आयोजन 11:00 से 4:00 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान सचिव, लेखपाल, बीट आरक्षी, आशा, आंगनबाड़ी, सफाई कर्मचारी, कोटेदार, ग्राम पहरी, ग्राम प्रधान तथा नजदीकी जन सेवा केंद्र के प्रतिनिधि को एक निश्चित सामुदायिक भवन या ग्राम सचिवालय में उपलब्ध होंगे। ये अधिकारी भूमि विवाद, वरासत के मामले, आय/ जाति/ मूल निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कुटुंब रजिस्टर की नकल, खसरे की नकल आदि के संदर्भ में ग्राम स्तर पर ही कार्यवाही करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के पेंशन, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, अवस्थापना संबंधित समस्याएं जैसे चकरोड, नाली के निर्माण से संबंधित मामले भी ग्राम स्तर पर ही निपटा लिए जाएंगे ग्रामीणों को इन कार्यों के लिए तहसील या ब्लॉक के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे ग्रामीणों के समय तथा धन की बचत होगी। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ श्रीपति मिश्र ने कहा की तहसील दिवस और थाना दिवस पर आने वाली अधिकांश समस्याएं गांव से जुड़ी होती हैं, अतः उन समस्याओं का समाधान में ग्राम स्तर पर होना चाहिए। इससे तहसील और थाने में लगने वाले समय की बचत होगी। इन समस्याओं का निपटारा ग्राम स्तर पर होगा, अतः इनका निस्तारण भी गुणवत्तापूर्ण होगा। प्रथम चरण में जमीन संबंधी समस्याओं को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने जनता से ग्राम समाधान दिवस के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्तकरने के लिए बड़ी संख्या में भागीदारी करने की अपील की। संवादाता सम्मेलन के दौरान एडीएम (प्रशासन) कुंवर पंकज, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सोनकर, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे। ग्राम समाधान दिवस की कार्यविधि एवं अधिकारियों का उत्तरदायित्व--- जनपद देवरिया में तहसील समाधान दिवस एवं थाना समाधान दिवस की तर्ज पर "ग्राम समाधान दिवस का आयोजन प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक माह के प्रत्येक मंगलवार को प्रत्येक ब्लाक की दस ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव राजस्व लेखपाल एवं बीट पुलिस अधिकारी की उपस्थित में आयोजित कर ग्राम पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान किये जाने का निर्णय लिया गया है। सम्बन्धित उपजिलामजिस्ट्रेट ग्राम समाधान दिवस में रोस्टर के अनुसार जनसेवा केन्द्र का ग्राम में कैम्प लगवाना सुनिश्चित करेगे | ग्राम समाधान दिवस में पंचायत सचिव राजस्व लेखपाल एवं बीट पुलिस अधिकारी के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के समस्त सरकारी कर्मचारी भी सलग्न रोस्टर के अनुसार उपस्थित होगे एवं अपने विभाग से संबन्धित शिकायतें प्राप्त करेगें एवं विभागीय सेवाएँ उपलब्ध करायेंगे। ग्राम समाधान दिवस अनिवार्य रूप से ग्राम पंचायत भवन या किसी अन्य सरकारी भवन में आयोजित किया जायेगा। (सचिव ग्राम पंचायत का उत्तरदायित्व---ग्राम समाधान दिवस में उपस्थित रह कर आने वाले आवेदन पत्रों को एक रजिस्टर पर अकिंत करतें हुए निम्नलिखित कारवाई करेंगें। सचिव ग्रामपंचायत द्वारा जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, कुटुम्ब रजिस्टर में नाम संशोधन दर्ज एवं नकल सम्बन्धी कारवाई करेंगे ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा सभी योजनाओं में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण कराना व आवास की पात्रता का परीक्षण, शौचालय की मांग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन में समूह द्वारा प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करायेंगें विभिन्न प्रकार के पेंशन हेतु प्राप्त आवेदनों का सत्यापन आवेदन प्राप्त करना, फीड करवाना और सत्यापन उपरान्त आख्या अपलोड करवाना सुनिश्चित करेंगे । ग्राम समाधान दिवस में अवैध अतिक्रमण से मुक्त करायी गयी सरकारी व ग्राम सभा भूमि पर मनरेगा व अथवा अन्य सुसंगत योजना अन्तर्गत उक्त भूमि विकास संबन्धित कार्यवाही सुनिश्चित करायेगें | ग्राम समाधान दिवस के समाप्त होने पर सचिव द्वारा सहायक ग्राम विकास अधिकारी पंचायत को रजिस्टर अवलोकित कराया जायेगा। खण्ड विकास अधिकारी माह वार विवरण तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी को 5 तारीख को भेजेगें। -राजस्व लेखपाल का उत्तरदायित्व:-- राजस्व लेखपाल अपने हल्के में ग्राम पंचायत भवन पर निर्धारित समय से उपस्थित रहकर निर्विवादित वरासत के मामलें भूमि विवाद, जमानत की तसदीक, आय, जाति, सामान्य निवास हैसियत प्रमाण-पत्र आदि प्रार्थना पत्र प्राप्त कर पंचायत सचिव व बीट पुलिस अधिकारी के साथ मिलकर समस्या का नियमानुसार निस्तारण करायेंगे । राजस्व लेखपाल द्वारा निस्तारण आख्या का स्पॉट मेमों तीन प्रतियों में तैयार किया जायेगा। साथ ही निस्पक्ष गवाहें के साथ-साथ शिकायतकर्ता के भी हस्ताक्षर करायेगा, जिसकी एक प्रति लेखपाल के पास एक प्रति बीट पुलिस अधिकारी के पास और एक प्रति तहसील स्तर पर सुरक्षित रखी जायेगी। निविर्वाद वरासत आय, जाति आदि प्रार्थना पत्र प्राप्त कर कैम्प में फिडिंग कराकर अगलें ग्राम समाधान दिवस के पूर्व नियमानुसार निस्तारित कराना सुनिश्चित करेगें। लेखपाल एक रजिस्टर में संलग्न प्रारूप- 1 पर शिकायत दर्ज करेगें, और लेखपाल, पंचायत सचिव बीट आरक्षी व ग्राम प्रधान का हस्ताक्षर करवायेंगे। ग्राम समाधान दिवस समाप्त होने के बाद राजस्व निरीक्षक से रजिस्टर पर अवलोकित करायेगे । राजस्व निरीक्षक यदि लेखपाल के द्वारा टीम की आवश्यकता बतायी जाती है तो इसमें अपने स्तर टीम बनायेगें और किसी अन्य अग्रिम कार्य दिवस हेतु तिथि निर्धारित करते हुये एवं शिकायतकर्ता को सूचित करते हुए स्वयं टीम के अध्यक्ष के रूप में मौके पर जाकर शिकायत का निस्तारण करायेंगे। तहसीलदार तहसील अन्तर्गत वाले ग्राम समाधान दिवस का संलग्न प्रारूप 2 पर संख्यातमक विवरण तैयार करेंगे और समय-समय इसकी विवेचना करेंगे और शिकायत का शत प्रतिशत निस्तारण कराना सुनिश्चित करेगें। सभी सम्बन्धित उपजिलाधिकारी तहसील अन्तर्गत ग्राम समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का एक विवरण माहवार तैयार करेगें। यह विवरण प्रत्येक माह की 5 तारीख को जिलाधिकारी महोदय को अपनी टिप्पणी के साथ प्रेषित करेंगे । ऐसे मामले जो ग्राम समाधान दिवस में नहीं लिए जा सकते अथवा उनका निस्तारण ग्राम स्तर पर सम्भव नहीं है, ऐसे मामले आगामी तहसील समाधान दिवस या थाना समाधान दिवस में प्रस्तुत कर उनके निस्तारण कराया जाय। बीट पुलिस अधिकारी और लेखपाल संयुक्त रूप से यह कार्यवाही करेगें। बीट पुलिस अधिकारी का उत्तरदायित्व:- बीट पुलिस अधिकारी समय से पहुंच कर ग्राम समाधान दिवस आयोजित कराने मे तथा मौके पर शांन्ति व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। ऐसे विवाद जिसमें पुलिस की आवश्यकता हो लेखपाल, पंचायत सचिव के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार निस्तारित करायेंगे। ऐसी शिकायतें जो पुलिस से सम्बन्धित है उनको एक पृथक रजिस्टर में दर्ज कर निस्तारण करायेंगे साथ ही साथ ऐसी शिकायतें जो ग्राम समाधान दिवस में निस्तारित नही हो पाती है उनको तहसील समाधान दिवस एवं थाना समाधान दिवस में दर्ज कर निस्तारण करायेगें। ऐसी सभी विवाद जिनमें भविष्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है उनको भी दर्ज कर हल्का दरोगा से अवलोकित करायेंगें। थाना प्रभारी समस्त दर्ज शिकायतों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निस्तारण करायेंगे। समस्त क्षेत्राधिकारी गण अपनी सम्पूर्ण सर्किल में प्राप्त शिकायतों का एक विवरण माह वार तैयार करेंगे। यह विवरण प्रत्येक माह की 5 तारीख को पुलिस अधीक्षक महोदय को अपनी टिप्पणी के साथ करेंगे। उक्त ग्राम समाधान दिवस में अनिवार्य रूप से ग्राम प्रहरी भी उपस्थित रहेंगे।