जनपद विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 18 अक्टूबर से 17 नवंबर 2021 तक चलेगा
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो चीफ सीतापुर
जनपद में अक्टूबर नवम्बर माह में चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तैयारी को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फ़ोर्स की बैठक । स्वास्थ्य विभाग व 12 अन्य विभागों की सहभागिता से चलेगा अभियान सीतापुर , 04 अक्टूबर 2021 जनपद में दिमागी बुखार व अन्य संचारी रोगों पर नियन्त्रण के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 18 अक्टूबर से 17 नवंबर 2021 तक चलेगा | अभियान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मधु गैरोला की अध्यक्षता में जिला टास्क फ़ोर्स की बैठक हुई | मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा - संचारी रोग तथा दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण तथा त्वरित एवं सही उपचार प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताओं में है | इसी के साथ 18 अक्टूबर से 01 नवंबर के बीच दस्तक अभियान चलाया जायेगा | स्वास्थ्य विभाग के अलावा 12 अन्य विभागों नगर विकास, ग्राम्य विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, कृषि, पशुपालन, दिव्यांग कल्याण, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, सिंचाई, पंचायतीराज, वाणिज्यकर एवं मनोरंजन तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जाएगा | इसके तहत दिमागी बुखार व संचारी रोग पर प्रभावी नियंत्रण एवं क्षय उन्मूलन के लिए एक साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा | स्वास्थ्य विभाग इस अभियान का नोडल है | पूरा अभियान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलाया जायेगा | नोडल अधिकारी डॉ सुरेंद्र सिंह ने बताया - नगर विकास विभाग नगरीय क्षेत्र में शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, मच्छरों की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त कराना और नाला-नालियों की साफ-सफाई का काम देखेगा। पंचायती राज विभाग व ग्राम्य विकास विभाग जनजागरूकता, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल और वातावरणीय स्वच्छता के प्रयास, पशुपालन विभाग सुकरबाड़ों को आबादी से दूर करवाने के प्रबंध करेगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिम्मे कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, पुष्टाहार वितरित करना, जनजागरूकता व संवेदीकरण, दिमागी बुखार के दिव्यांग बच्चों को योजनाओं का लाभ दिलवाना होगा। शिक्षा विभाग जनजागरूकता अभियान व संवेदीकरण, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा बीमारियों की जांच के लिए प्रयोगशाला प्राविधिक प्रशिक्षण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग दिमागी बुखार के दिव्यांग रोगियों के कल्याण की योजनाओं का लाभ दिलवाने का काम करेगा। कृषि एवं सिंचाई विभाग द्वारा मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने, सूचना विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार और उद्यान विभाग द्वारा मच्छर रोधी पौधों के रोपण जैसी गतिविधियां प्रमुख तौर पर संचालित की जानी हैं। इस अभियान को सफल बनाने में ए.एन.एम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है और उनका संवेदीकरण किया जायेगा | उन्हें मातृ समूह की बैठक का आयोजन, समय समय पर स्कूलों का भ्रमण और शिक्षकों को बच्चों में जागरूकता बढ़ाने में मदद करना, दिमागी बुखार पर स्वयं सहायता समूहों की बैठक करना, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों का आयोजन करना एवं पेय जल को साफ करने के लिए क्लोरीनेशन का डेमो आयोजित करना आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा | डा.विवेक सचान ने बताया- जिले में 18 अक्टूबर से 01नवंबर के बीच आयोजित होने वाले दस्तक अभियान के ताहत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों का हाल पूछेंगी और उन्हें इन बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगी। इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के मरीजों, बुखार के मरीजों, क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों और कुपोषित बच्चों की सूची तैयार कर एएनएम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय को भेजा जाएगा। गृह भ्रमण का ट्रैक रखने के लिए आशा कार्यकर्ता हर उस घर में जहाँ 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे या क्षय रोग के लक्षण वाले व्यक्ति हैं, प्रमुख जगह पर स्टीकर लगायेंगी जो उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा | दस्तक अभियान के दौरान जो टीबी के संभावित रोगी मिलेंगे, उनकी जांच कराई जाएगी और पुष्ट होने पर इलाज शुरू कराया जाएगा। बुखार के रोगियों की जांच करा कर देखा जाएगा कि उनमें कहीं इंसेफेलाइटिस, कोविड, मलेरिया, डेंगू आदि की कोई बीमारी तो नहीं है। लक्षण आधारित जांच करा कर उपचार किया जाएगा। जो भी कुपोषित बच्चे मिलेंगे उनका भी इलाज शुरू कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा। आईएलआई के मरीजों की कोविड जांच होगी और उन्हें भी उपचार प्रदान किया जाएगा। दस्तक अभियान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलेगा। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पी के सिंह डॉ कमलेश चंद्रा , डॉ कुंज बिहारी गौतम ,जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजुमार, जिला मलेरिया अधिकारी अनिल मिश्रा , सहयोगी विभाग के प्रतिनिधि, सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक, प्रतिनिधि, विश्व स्वास्थ्य संगठन , यूनिसेफ एवं पाथ के प्रतिनिधि उपस्थित थे । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ,सीतापुर ।