ईमानदारी की मिसाल!सुबोध यादव ने लौटाए 2 लाख रुपए।
शैलेन्द्र यादव की रिपोर्ट
जो लोग कहते हैं कि अब दुनिया में बेईमानों का राज है। चारो तरफ धोखेबाज, लुटेरे बैठें हैं ऐसे लोगों की सोच को बदल देने वाला काम फरेंदा थाना क्षेत्र के महदेवा दुबे के रहने वाले सुबोध यादव ने किया है। सुबोध ने ईमानदारी की वो मिसाल पेश की है। जिसे सुनकर हर कोई उसकी प्रशंसा कर रहा है। दरअसल गोपालपुर टोला रहीमनगर थाना बृजमनगंज के रहने वाले सत्यनारायण यादव अपनी गाड़ी से निकले थे। उन्होंने पैसों से भरे हुए बैग को बाइक की डिग्गी में रख दीए थे, और फरेंदा तहसील में रजिस्ट्री कराने के लिए आए, पैसा डिग्गी से निकाल कर रजिस्ट्री आफिस के तरफ गए, फिर वहा से वापस आकर पैसों से भरा बैग भूलवश सत्यनारायण ने पैसों से भरा बैग सुबोध की डिग्गी में रख दिए, वे जब वापस रजिस्ट्री आफिस पहुंचे तब उन्हें बैग गायब का पता चला। सत्यनारायण ने पैसे गायब हो जाने की बात चौकी इंचार्ज दुर्गेश कुमार वैश्य को बताई। उसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई, सत्यनारायण भी पुलिस के साथ मिलकर आसपास पैसे ढूढऩे लगे। तभी अचानक एक युवक ने पुलिस से आकर पूछा की वे क्या ढूंढ रहे हैं।  पहले पुलिस ने कुछ नहीं बताया,लेकिन जब उसने दो-तीन बार उनसे परेशानी का कारण पूछा तो उन्होंने पूरी घटना सुबोध को बताई।  जैसे ही सुबोध को पता चला की यह पैसे सत्यनारायण के हैं तो उसने तुरंत पैसे सत्यनारायण को सौंप दिए। सुबोध ने बताया कि मेरे बाइक की डिग्गी में पैसों से भरे पर बैग पर पड़ी, तभी उसे अहसास हो गया कि तहसील कैंपस में जो लोग पैसों से भरा बैग खोज रहे हैं। हो सकता है यह उसी शख्स के पैसे हैं। जैसे ही पता चला उसने पूरे पैसे लौटा दिए! सुबोध से जब पूछा गया कि आजकल तो लोगों की नियत पांच-दस रुपए के लिए बिगड़ जाती है फिर आपने कैसे इतने सारे रुपए वापस कर दिए। इस पर सुबोध ने कहा कि किसी को दुखी करके या किसी और के पैसों से कोई सुखी नहींं हो सकता।