हत्‍या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने सुनाई 7 साल की कैद की सजा, लगाया 15 हजार का जुर्माना
जयंत यादव क्राइम रिपोर्टर गाजीपुर
विशेष सत्र न्यायाधीश SC/ST ACT चंद्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को हत्या के प्रयास के मामले में कोतवाली गांव हुसैनपुर निवासी संतोष उर्फ बबलु को 7 साल की कैद व 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है अभियोजन के अनुसार कोतवाली  गांव हाथीखाना निवासी अजय कुमार तथा सन्तोष उर्फ बबलु व शैलेन्द्र उर्फ बबुआ के बीच पुरानी रंजिश थी बाद में दोस्ती हो गई थी 28 सितम्बर 1998 को सकरा गांव में दुर्गा पंडाल में लाइन ठीक करने जा रहा था कि रास्ते में संतोष उर्फ बबलु व शैलेंद्र उर्फ बबुआ मिले और उसको बगीचे में ले गए जहाँ उसके ऊपर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर कर दिए जिससे वादी घायल हो गया लोगो की मद्दत से उसे जिला अस्पताल पहुचाया गया वादी की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और दौरान विवेचना पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश की जहाँ से आरोपियो को जेल भेज दिया गया विवेचना उपरांत पुलिस ने आरोपियो के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया दौरान विचारण आरोपी शैलेन्द्र उर्फ बबुआ को घटना के समय किशोर मानते हुए उसकी पत्रावली को किशोर न्यायालय को भेज दिया गया अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल 6 गवाहों को पेश किया दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।