आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृखला में बाल्मीकि जी की जयन्ती मनाई गई
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर  शासन के निर्देश के क्रम में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृखला में आज महर्षि बाल्मीकि जी की जयन्ती को जनपद के समस्त विकास खण्ड क्षेत्रो, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रो  के श्रीराम मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, महर्षि बाल्मीकि मंदिर एवं अन्य विभिन्न मंदिरों  पर भव्य रूप से मनाया गया। बाल्मीकि रामायण में निहित मानव मूल्यों, सामाजिक मूल्यों व राष्ट्र मूल्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार व जनमानस केा इससे जोड़ने के लिए महर्षि बाल्मीकि से सम्बन्धित स्थलों/मंदिरों आदि पर दीप प्रज्ज्वलन/दीप दान के साथ गायक कलाकारो  एवं भजन मंण्डलियों  द्वारा अनवरत 08, 12 व 24 घण्टे तक का बाल्मीकि रामायण का पाठ जनपद के नामित नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी की देख रेख में कराया  गया।  महर्षि  वाल्मीकि विश्व के आदि कवि है जिन्होने विश्व प्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण महाकाव्य की रचना श्री राम के जीवनकाल में की थी। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण सामाजिक मूल्यों, मानव मूल्यों एवं राष्ट्र मूल्यों की स्थापना का आदर्श है। महर्षि बाल्मीकि द्वारा वर्णित स्थल जिन्हें राम-जानकी मार्ग, राम वन-गमन मार्ग आदि के रूप में माना जाता है, सम्पूर्ण भारत वर्ष मे लगभग 280 स्थलों के रूप में आज भी विद्यमान है। उत्तर प्रदेश में राम-जानकी मार्ग तथा राम वन-गमन मार्ग के अन्तर्गत अनेक स्थल विद्यमान है जहॉ भारतीय संस्कृति के मूल तत्व एवं मान्यताएॅ सुरक्षित है।