इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रमो में पहुंचा कर्मयोगी काशीनाथ यादव का बिरहा, स्‍नातकोत्‍तर की परीक्षाओ में पूंछा गया सवाल, बुद्धिजीवियो में चर्चा
*जयंत यादव रिपोर्टर गाजीपुर*
गाजीपुर। बिरहा सम्राट काशीनाथ यादव बिरहा गायन में सामाजिक समरचता और समाज के गरीब असहाय, शोषित समाज के लोगो के अधिकार की आवाज 1989 से चलकर आज हिंदुस्‍तान की सबसे सम्‍मानित विश्‍वविद्यालयो में शुमार इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय के स्‍नातकोत्‍तर के पाठ्यक्रम में शामिल हो गयी है। इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय के एमए के चौथे सेमेस्‍टर के परीक्षा 2021 में मैंरेजिल कम्‍यूनिकेशन इन इंडियन हिस्‍ट्री के सेकेण्‍ड प्रश्‍न पत्र  के प्रश्‍न संख्‍या-7 में काशीनाथ यादव के बिरहे में सीमांत समुदायो के सशक्तिकरण का गुण और उसके इतिहास की पड़ताल किजिए पूछा गया है। इस बात की चर्चा प्रदेश बुद्धिजीवो में हो रही है कि जिले के अति पिछड़े क्षेत्र बाराचंवर ब्‍लाक के आसावर गांव के निर्धन परिवार में जन्‍मे कर्मयोगी बिरहा सम्राट काशीनाथ यादव ने जो समाज के दबे-कुचले असहाय लोगो की अधिकार व आरक्षण की बात 1989 से लेकर आज तक चली आ रही है उस तथ्‍यो को आज देश के विख्‍यात विश्‍वविद्यालय इलाहाबाद यूनिर्वसिटी के पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। अभी तक किसी भी बिरहा गायक को यह सम्‍मान नही मिला है जो काशीनाथ यादव ने पाया है। असहाय और शोषित समाज की अधिकारो की आवाज बनें काशीनाथ यादव को बिरहा गायन में अमर कर दिया है। काशीनाथ यादव का जन्‍म 11 अक्‍टूबर 1958 को बाराचंवर के आसावर गांव के एक निर्धन परिवार में हुआ था, जन्‍म के बाद बहुत ही कम समय में उनकी माता-पिता की मृत्‍यु हो गयी थी। उनके चाचा ने उनका पालन-पोषण किया। काशीनाथ यादव पढने में शुरू से मेधावी थे, उन्‍होने सतीश चंद्र डिग्री कालेज बलिया से बीएससी में प्रथम श्रेणी से उत्‍तीर्ण किया था, पढाई के समय से ही काशीनाथ यादव ने बिरहा गायन शुरू कर दिया था। उस समय देश में आरक्षण को लेकर एक नई क्रांति का जन्‍म हो रहा था, काशीनाथ यादव ने 1989 से लेकर 1995 तक दलितो, पिछड़ो व शोषितो के हक और आरक्षण की आवाज बनकर लगभग सैकड़ो बिरहा गीत गाये जो यूपी-बिहार ही नही पूरे देश में दलितो और पिछड़ो की आवाज बन गयी थी। यह आवाज सुनकर बसपा के संस्‍थापक मान्‍यवर कांशीराम ने 1994 में काशीनाथ यादव को अपने पार्टी से एमएलसी बनाया था, इसके बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने सन 2000 और सन 2006 में लागातार दो बार एमएलसी बनाया। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अपने शासन काल में काशीनाथ यादव को बिरहा गायन के लिए यश भारती पुरस्‍कार दिया और उत्‍तर प्रदेश राज्‍य मंडी परिषद का चेयरमैन बनाया। इस संदर्भ में बिरहा सम्राट काशीनाथ यादव ने पूर्वांचल न्‍यूज डॉट काम को बताया कि वह आजीवन समाज के शोषित, वंचितो, दलितो व पिछड़ो की आवाज बनकर गीत गाते रहेंगे। जब तक की उनका हक और अधिकार न मिल जाये।