श्रीराम राज्याभिषेक के साथ संपन्न हुई हरिशंकरी की पारंपरिक अति प्राचीन रामलीला
हुलाश चन्द्र यादव जखनिया गाजीपुर
अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” गाजीपुर के तत्वावधान में राम राज्याभिषेक के साथ वर्ष 2021 की परंपरागत अति प्राचीन रामलीला मंचन का कार्य हवन – पूजन व राम सिंहासन की परिक्रमा के साथ कोविड नियमो का पालन करते हुए संपन्न हुआ। पारंपरिक रूप से प्रति वर्ष शहर में मनाई जाने वाली हरिशंकरी की ऐतिहासिक राजगद्दी का आयोजन शनिवार 23 अक्टूबर (शनिवार) को सांयकाल 7 बजे से शुरू होकर देर रात्रि तक प्राचीन राम चबूतरे पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल, एसडीएम सदर अनिरुद्ध सिंह, तहसीलदार मुकेश सिंह और क्षेत्राधिकारी सदर ओजस्वी चावला व संभ्रांत नगर वासियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के पदाधिकारी व सदस्य भी कार्यकर्ताओ के साथ भक्तिभाव से उपस्थित रहे। हरिशंकरी में ऐतिहासिक रामलीला मंचन का कार्य गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस के आधार किए जाने की परंपरा है, श्रीराम राज्याभिषेक के अवसर सर्वप्रथम गुरु वशिष्ठ द्वारा प्रभु श्री राम, माता जानकी भैया लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के साथ ही भक्त श्री हनुमान जी को तिलक लगाकर माल्यार्पण किया, उसके उपरांत कार्यक्रम में अतिथि के रूप में नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल, सदर उप जिला अधिकारी श्री अनिरुद्ध सिंह, सदर तहसीलदार श्री मुकेश सिंह, क्षेत्राधिकारी श्री ओजस्वी चावला ने प्रभु श्री राम का मंत्रोच्चार के बीच माल्यार्पण कर आरती और पूजन किया। इसके बाद सभी अतिथियों का कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद अतिथियों को कमेटी द्वारा परंपरागत स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका चेयरमैन श्रीमती सरिता अग्रवाल ने रामदरबार को नमन कर प्रभु श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए लोगो से उनके चरित्र को अपने जीवन में आत्मसात करने की बात कही।एसडीएम अनिरुद्ध सिंह ने भी सर्वप्रथम रामदरबार को नमन कर सभी को जिलाधिकारी गाज़ीपुर और प्रशासन की तरफ से त्योहारों को शांतिपूर्वक और उल्लास से मनाने की शुभकामनाएं देते हुए आभार प्रकट किया, उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में पुरुषोत्तम राजा राम सर्वमान्य राजा के रूप में स्थापित हैं, भगवान राम न केवल कुशल प्रबंधक थे, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने वाले थे। वे सभी को विकास का अवसर देते थे व उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते थे। उनके इसी गुण की वजह से लंका जाने के लिए उन्होंने व उनकी सेना ने पत्थरों का सेतु बना लिया था। तहसीलदार मुकेश सिंह ने भगवान राम के बारे में कवि निराला की पंक्तियां सुनाते हुए उन्हें दयालु और बेहतर स्वामी के साथ विषम परिस्थितियों में भी नीतिवान और धैर्यवान प्रशासक बताया। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश उर्फ बच्चा तिवारी ने कोरोना काल में इस सफल आयोजन के लिए सर्वप्रथम नगरपालिका प्रशासन, जिला एवम पुलिस प्रशासन और नगर वासियों को कोटिशः धन्यवाद देते हुए कहा कि गाजीपुर भले ही कोरोना शून्य है, लेकिन देश से करोना गया नहीं है, और ऐसे में कुछ प्रतिबंधों के साथ मनाई गई रामलीला में आप सबका सहयोग ही हमें इस सफल आयोजन को कराने की ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि परंपरा को निभाते हुए हमने विगत सैकड़ो वर्षो से चली आ रही अति प्राचीन चलायमान रामलीला का आयोजन सरकार द्वारा जारी कोविड नियमों के अनुरूप ही किया है और आगे भी हम भव्य और वृहद रामलीला का आयोजन परम्पराओं के अनुरूप करेंगे, कमेटी इसके लिए कृत संकल्पित है। इस अवसर पर कमेटी के उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, सरदार दर्शन सिंह, विजय अग्रवाल, रामपूजन सिंह,  अजय पाठक, वीरेश राम वर्मा, रामजी सिंह, पं० लव त्रिवेदी, रोहित्अग्रवाल, राजेन्द्र विक्रम, अनुज अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, लक्ष्मीनारायण, मनोज तिवारी, बांके तिवारी, रामजी, गोपाल जी, नरसिंह, अजय अग्रवाल, जावेद ज़हीर, शिवपूजन तिवारी, मयंक तिवारी, सुधीर अग्रवाल, सौरभ, अजय सिंह, मोहन तिवारी, वेदप्रकाश, गौरव आदि के साथ दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे, मंच संचालन मंत्री ओमप्रकाश तिवारी और कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री दीनानाथ गुप्त ने की।