प्रयागराज में पृत विसर्जन आज
शालू पाठक की रिपोर्ट
प्रयागराज - पृत पक्ष का श्राध्द पक्ष का अंतिम दिन आज हैं।अमावस्या के ही दिन ऐसे में इस दिन को सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता इस दिन भूले बिखरे सभी पितरो के लिए तर्पण किया जाता है। इसलिए ही इस अमावस्या को सर्वपितृ कहा गया है। हिन्दु पंचाग के मुताबिक अश्विनी मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या होती है। वही इस साल यानी 2021 में सर्वपितृ अमावस्या 6 अक्टुबर बुधवार को है। आज पितृपक्ष समाप्त हो जाएगा। साथ ही पितरो को साविधि विदा भी किया जाएगा इसलिये इस अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पृत अपने सर्वजनो को आशीर्वाद देकर हर्ष पूर्वक अपने - अपने लोक को वापस चले जाते हैं । जो लोग पितृ विसर्जन की श्राध्द नही करते उन्हें पूर्वक श्राप दे देते है। पडित ए एन पाण्येय के अनुसार पितृ पक्ष के आखिरी दिन यानी सर्वपितृ अमावस्या के दिन गलत कामो को विशेष रूप से निषेध माना गया है। इस दिन शराब, मास का सेवन कदापि नही करना चाहिए। पितृ विसर्जन संग योग्य ब्राम्हण को दान देने के साथ गौ माता व अन्य पशु पक्षिओ को भोजन जरूर खिलाए।