कलेक्टर डॉ दिनेश चंद्र ने लिखा गुरुमुखी में अमन का पैगाम
तहसील प्रभारी विक्रम सिंह
बहराइच* कलेक्टर डॉ दिनेश चंद्र ने लिखा गुरुमुखी में अमन का पैगाम…* *अजय शर्मा…* *(डीएम और एसपी की जुगलबंदी आई कुशल प्रशासन के काम)* यूपी में जब लखीमपुर कांड से हड़कंप मचा था,हर ओर सिस्टम और सरकार जल्द माहौल को नियंत्रित करने के लिये विभिन्न प्रकार की बंदिशों सहित इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाकर प्रदेश में अमन चैन कायम करने की दिशा में कार्य कर रही थी, तो बहराइच ज़िले में कलेक्टर डॉ दिनेश चंद्र सिंह और कप्तान सुजाता सिंह की जुगलबंदी सीमावर्ती ज़िले में माहौल को नियंत्रित करने के लिये अपने अपने अंदाज से आवाम में अमन का पैगाम दे रहे थे। कलेक्टर डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने सिक्ख समाज से खुद को आत्मीयता से कनेक्ट करने के लिये व जिला प्रशासन को सहयोग करने के लिये गुरुमुखी भाषा में स्वयं अपने हाथों से शोक संतृप्तपरिवार व समाज को भावनात्मक संदेश देकर अमन का पैगाम दिया।यही नही पुलिस अधिकारियों के साथ एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार व पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने भी पीड़ित परिवारों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ने के लिये हाथ जोड़कर एक दूसरे को निरंतर सहयोग करने के लिये नतमस्तक होकर हाथ जोड़कर विनम्रता व्यक्त की जिससे इलाकाई माहौल में अमन कायम रहे। लखीमपुर में हुई घटना से जनपद के बंजारन टांडा निवासी दलजीत सिंह व मोहर्निया निवासी गुरविन्दर सिंह की मृत्यु हो जाने से उपजे माहौल से जहाँ इलाके में माहौल तनावपूर्ण था उसे नियंत्रित करने के लिये जिला प्रशासन हर स्तर से अपनी जोर आजमाइश में जुटा रहा। ज्यों ही बहराइच के 2 व्यक्तियों की मृत्यु की जानकारी जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र को हुई एक पल गवांये बिना कलेक्टर ने पूरेप्रशासनिक अमले के साथ गाँव में पहुॅच कर परिस्थितियों को देखते हुए विधि व्यवस्था एवं लोक परिशान्ति सहित लोक व्यवस्था व जनसुरक्षा कायम रखने के उद्देश्य से यथा स्थान मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों की तैनाती ही नहीं की बल्कि निरन्तर शोकाकुल परिवार से सम्पर्क बना उन्हें ढ़ाढस भी बंधाते रहे। उक्त घटना से स्वयं जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने गुरमुखी भाषा में शोक सन्देश भी लिखा साथ ही अमन का पैगाम भी जिसका प्रभाव भी उपजे माहौल में भावनाओं को जोड़ने के क्रम में कारगर रहा। एक कलेक्टर द्वारा गुरुमुखी भाषा में लगातार की गई भावनात्मक अपील ने सिक्ख समाज के लोगों के जहन को प्रभावित कर गया। अहेतुक सहायता देने के दौरान कलेक्टर द्वारा लिखी गई गुरुमुखी भाषा के संदेश को ज्यों ही पीड़ित परिजनों ने पढ़ा एक कलेक्टर जैसे लोक सेवक के प्रति मौजूद लोगों में समर्पित भाव प्रबल हुआ। मृतकों के शव उनके पैतृक आवास पहुॅचने पर गुरविंदर सिंह के परिजनों के द्वारादोबारा पोस्टमार्टम की बात पर भी जिला प्रशासन द्वारा समन्वय संयम एवं धैर्य के साथ कुछ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर मौके की परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए परिजनों की सहमति से त्वरित निर्णय लेते हुए पोस्टमार्टम कराये जाने का अनुकरणीय कार्य भी बड़ी तेजी से किया गया। स्वयं जिलाधिकारी भी पूरे समय मर्चरी में पीड़ित परिवार के साथ भी एक अभिभावक स्वरूप मौजूद रहे।घटना के संज्ञान में आने के बाद से मृतकों के अन्तिम संस्कार की रस्म तक जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र हर स्थान पर मौजूद नज़र आये। घटना के सम्बन्ध में शासन और किसान समूह के बीच हुई वार्ता में तय मुआवज़े के भुगतान में भी जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने बड़ी संजीदगी और तत्परता दिखाते हुए रू. 45-45 लाख धनराशि के चेक लेकर पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मृतकों के आवास पहुॅच कर उनके परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामवासियों के समक्ष उनके हिताधिकारियों को सौंप दिया। साथ ही राजनैतिक दलों/संगठनों के आवागमन के कारण जनपद में संवेदनशीलता कीगतिविधियों के दृष्टिगत शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के निमित्त जहॉ प्रत्येक स्तर पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गयी वहीं मृतकों के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने हेतु 05 व्यक्तियों के समूह को नियत/अनुमन्य सुरक्षा के साथ अनुमति भी प्रदान की।घटना को लेकर कहीं पर कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए मृतकों के पैतृक आवास से लेकर सम्पूर्ण जनपद के सीमा क्षेत्र में मजिस्ट्रेटों व जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर सम्पूर्ण जनपद में कानून व्यवस्था बनाये रखने के हर संभव प्रयास लगातार किये गये। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह के साथ जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र स्वयं भी निरन्तर भ्रमणशील रहकर हालात पर सतर्क दृष्टि बनाये रहे और सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी देते रहे। कानून एवं शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र जहॉ आवश्यक निर्देश देते रहे, वही सदभावपूर्ण महौल बनाये रखने की अपील गुरमुखी में करते रहे। रिपोर्ट दिलशाद अहमद