सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित मां सिद्धिदात्री और बुढ़िया माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से शिष्य-श्रद्धालु
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर । अध्यात्म जगत में तीर्थस्थल का रूप ले चुके सिद्धपीठ हथियाराम मठ में शारदीय नवरात्र महोत्सव के पहले दिन गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन पूजन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नन्दन यति महाराज ने कलश स्थापित कर हवन पूजन का शुभारंभ किया। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा किया, तो गुरु महाराज का चरण वन्दना करके आशीर्वाद प्राप्त किया। सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधिपति महामंडलेश्वर भवानी नन्दन यति जी के संरक्षकत्व में नवरात्र पर्यंत चलने वाले इस वृहद अनुष्ठान में पुण्य लाभ की कामना के साथ शिष्य श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। लगभग सात सौ वर्ष प्राचीन सिद्धपीठ हथियाराम मठ स्थित मां सिद्धिदात्री और बुढ़िया माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से शिष्य-श्रद्धालु पहुंचकर श्रद्धा भाव से देवी माता और पीठाधिपति महामंडलेश्वर भवानीनन्दन यति के चरणों में श्रद्धानवत हो रहे हैं। हरिहरात्मक पूजन के उपरांत प्रवचन करते हुए स्वामी भवानी नन्दन यति ने देवी दुर्गा की आराधना को सर्वदा फलदायक बताते हुए जनता से पूजा-पाठ और संत समागम से जुड़ने का आह्वान किया। कहा कि कर्म ही पूजा नहीं, पूजा ही कर्म है का मूलमंत्र जीवन में अपनाएं। कोरोना को ध्यान में रखते हुए सम्पादित हो रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में आने वाले भक्तों के लिए भंडारा की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें महाप्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु जयकारा लगाते हुए अपने घरों को लौट रहे हैं। समूचे क्षेत्र का माहौल देवीमय बना हुआ है। मान्यता है कि सच्चे हृदय से यहां दर्शन पूजन करने मात्र से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी होती है।