जालसाजी : इफ्को में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा, 25-25 हजार में दिए गए थे फर्जी आईकार्ड
शालू पाठक की रिपोर्ट
इफको में फर्जी आईकार्ड संग पकड़े गए सभी 10 युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि मास्टरमाइंड विकास कुमार यादव के साथ ही इस पूरे रैकेट का सरगना उत्तराखंड का तुषार कृष्णा है। जिसने 25-25 हजार रुपये लेकर युवकों को फर्जी आईकार्ड बांटे थे। उसने ही पहले विकास से संपर्क किया और फिर उसके जरिए अन्य युवकों से नौकरी के नाम पर रुपये ऐंठे। हालांकि फूलपुर पुलिस देर रात तक मामले में ज्यादा कुछ बताने की बात से इंकार करती रही। बुधवार रात 1.45 बजे के करीब सभी 10 युवकों को सुरक्षा गार्डों ने पकड़ा था। दरअसल वह बिना गेट पास के फैक्ट्री के भीतर जाना चाह रहे थे, जिस पर उन्हें रोक लिया गया। अफसरों को बुलाकर पूछताछ शुरू की गई तो उनके कब्जे से इफ्को के फर्जी आईकार्ड मिले। जिसके बाद उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। प्रबंधन की तहरीर पर देर रात मुकदमा दर्ज कर सभी 10 युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक दिन पहले यह बात सामने आई थी कि विकास ही इस खेल का मास्टर माइंड है। लेकिन शुक्रवार को पता चला है कि नौकरी के नाम पर युवकों को ठगने के इस रैकेट का सरगना उत्तराखंड का तुषार है। वह पहले प्रयागराज में ही रहता था और उसकी विकास से जान पहचान है। उसने ही विकास से कहा था कि उसकी जान पहचान इफ्को में है और रुपये मिलने पर वह नौकरी दिलवा सकता है। जिसके बाद विकास ने ही आसपास के युवकों से रुपये वसूले थे। एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। सरगना की तलाश की जा रही है।  यह भेजे गए जेल विकास कुमार यादव, प्रीतम सिंह, ओमकार यादव, संजीव कुमार, नीरज गुप्ता, शैलेश कुमार सभी निवासी सरायममरेज, पवन कुमार, अमित कुमार व जयशंकर निवासी भदोही और सुनील विश्वकर्मा निवासी मिर्जापुर।