सालाना 40 लाख रुपये ब्यवसाय करने वाले ब्यापारी को आयकर व जीएसटी पंजीयन कराना आवश्यक है, डिप्टी कमिश्नर
कृपाशंकर
गाजीपुर। वाणिज्य कर विभाग गाजीपुर के तत्वाधान में नंदगंज में आयोजित आयकर, जीएसटी पंजीयन जागरुकता शिविर को संबोधित करते हुए डिप्टी कमीश्नर श्यामाकान्त यादव ने कहा जीएसटी में पंजीकरण कराने के पश्चात व्यापारी को एक सामाजिक पहचान प्राप्त होती है।एक राज्य से दूसरे राज्य में माल भेजने मे ईवे बिल की सुविधा के साथ रास्ते मे माल की सुरक्षा भी प्राप्त होती हॆ।कोर्ट मे साक्ष्य के रुप मे जीएसटी बिल काम आता हॆ। यादव ने कहा कि सालाना 40 लाख रुपये ब्यवसाय करने वाले ब्यापारी को आयकर व जीएसटी पंजीयन कराना आवश्यक हॆ इससे कम ब्यवसाय करने वाले लोग भी स्वॆच्छिक अपना पंजीयन करा सकते हॆ।पंजीकृत ब्यापारी को 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा का कवरेज दिया जाता है।इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट ,मृत्यु प्रमाणपत्र व एफ आई आर कापी संलग्न करना आवश्यक हॆ। सहायक आयुक्त मिथिलेश कुमार बर्नवाल नॆ कहा किसी प्रकार की असुविधा होने पर बेहिचक सीधे सम्पर्क करें समस्या का समाधान किया जायेगा।इसके दायरे मे आने वाले ब्यापारी पंजीयन नही कराते हॆ तो जांच के दॊरान पकङे जाने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।इसके लिए पूरे जनपद मे शीघ्र अभियान चलाया जायेगा।कार्यक्रम के बीच मे ब्यापारियों द्वारा उठाये गये समस्यायों का समाधान किया गया। इस अवसर पर नंदगंज ब्यापार मण्डल के प्रबंधक चन्द्रकांत जायसवाल,अध्यक्ष रामसेवक जायसवाल,आयुष तुलस्यान,राजीव रंजन,विनोद विश्वकर्मा,राहुल जायसवाल,घनश्याम जायसवाल,त्रिलोकी नाथ गुप्ता,राजेश जायसवाल,पारसनाथ गुप्ता,लक्ष्मण यादव,मनोज गुप्ता,श्रेयांस वर्नवाल,अशोक कुमार कुशवाहा सहित काफी संख्या में ब्यापारी मॊजूद थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता आयकर जीएसटी के वित्तीय सलाहकार रविकांत जायसवाल व संचालन मधुकांत जायसवाल ने किया।