व्रती माताओं व बहनों ने भगवान भुवन भास्कर को गाय के दुग्ध से अर्घ्य देकर अपने ब्रत का किया समापन
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर-डाला छठ का पर्व बुधवार को पूरे विधि विधान से जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान व्रती महिलाएं बैंड बाजों के साथ नाचते गाते जनपद में स्थित विभिन्न नदियों, तालाबों व नहरों के किनारे पहुंची और अपनी पूजन सामग्री के साथ जल में खड़े होकर डूबते हुए सूर्य को पुरे विधि विधान से पुजन अर्चन करने के बाद अर्ध्य दिया और भगवान भुवन भास्कर से हांथ जोड़ कर प्रार्थना किया हे प्रभु सुबह जल्द ही उदय होना। बृहस्पतिवार के दिन भोर में 3:00 बजे से ही महिलाओं और पुरुषों का जनपद मे प्रवाहित होने वाली गंगा सहित विभिन्न नदियों के किनारे, तालाबों के किनारे पहुंचने का क्रम शुरु हो गया।लगातर 36 घंटे निर्जल रहने के बाद जल में अविचल खड़े होकर महिलाएं एकटक पूर्व दिशा की ओर भगवान भुवन भास्कर के उदय होने का इंतजार कर रही थी। भगवान भास्कर को भी जैसे आज उदय होने की जल्दी थी। भगवान भुवन भास्कर भी सायद बहनों, माताओं के कठोर व्रत को देखकर पिघल गए और अपनी पूरी आभा के साथ पूर्व दिशा में जब प्रकट होने लगे तो व्रती माताओं व बहनों ने भगवान भुवन भास्कर को गाय के दुग्ध से अर्घ्य देकर अपने ब्रत का समापन किया।कई दिनों तक पूरा जनपद छठ महापर्व के उल्लास और उमंग में डूबा रहा। नदियों के घाट, तालाबों के किनारे मेले का दृश्य दिख रहा था ।