श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया महापर्व छठ, व्रती महिलाओं ने छठ माता की पूजा कर उगते सूर्य को दिया अर्घ*
जयंत यादव क्राइम रिपोर्टर गाजीपुर
आस्था के पर्व डाला छठ को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आज व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ दिया। इसी क्रम में गाजीपुर की सदर विधायक एवं सहकारिता राज्यमंत्री ने भी छठ का पर्व धूमधाम से मनाया। छठ व्रती महिलाओं के साथ महाराजगंज धाना सागर पोखरी पर पहुंच पूजा अर्चना की तथा डूबते सूर्य को अर्घ दिया। घाटों पर भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा रहा और त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला।वहीं अपने साथ सहकारिता राज्यमंत्री को छठ पर्व करते देख महिलाओं में भी खासा उत्साह देखा गया जबकि जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम शहर के प्रत्येक घाटों पर किए गए थे। इसी क्रम में जमानियां विधायक सुनीता सिंह ने गहमर गंगा घाट पर डूबते हुए सूर्य की पूजा कर अर्घ्‍य दिया और क्षेत्र के खुशहाली के लिए छठ माता से प्रार्थन किया। नगर के चीतनाथ, स्‍टीमर घाट, कोयला घाट, कलेकटर घाट, ददरीघाट, नवापुरा घाट, सिकंदरपुर घाट, गोराबाजार गंगा घाटों पर बड़ी तादात में व्रती महिलाओं ने छठ माता की पूजा कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ दिया और परिवार तथा देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसी क्रम में ग्रामीण अंचलों में जमानियां, रेवतीपुर, भदौरा, मुहम्‍मदाबाद, कासिमाबाद, बाराचवर, मरदह, बिरनो, मनिहारी, जखनियां, सादात, देवकली, सैदपुर और करंडा क्षेत्र में धूमधाम के साथ महापर्व छठ मनाया गया जिसमे व्रती महिलाओं ने छठ माता की पूजा कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ दिया। महापर्व छठ पर प्रशासन की चाकचौबंद व्‍यवस्‍था रही। डीएम – एसपी ने पूजा के दौरान गंगा घाटों का चक्रमण किया और बड़ी तादात में पुलिस के जवान गंगा घाटों पर तैनात रहे। नगरपालिका गाजीपुर ने सभी गंगा घाटों पर साफ-सफाई की थी। नगरपालिका चेयरमैन सरिता अग्रवाल और विनोद अग्रवाल ने पूजा के दौरान व्‍यवस्‍था के देख-रेख में लगे रहे। आस पास क्षेत्रों मे डाला छठ पर्व के अवसर पर बुधवार को सांय काल डूबते सूर्य को अधर्य दने के लिए गांगी नदी के तटवर्ती क्षेत्र देवकली, तरांव, बासूचक, सोन्हुली, भितरी, आगापुर, महमूदपुर हथिनी, बासूपुर, खोजनपुर, राजनपुर, बरहपुर, नॆसारा, माउपारा आदि गांवो मे काफी भीङ भाङ रही। इसी क्रम मे गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्र रामपुर माझा, दुवॆठा, चकेरी, देवचंदपुर, मंझरियां, तुर्कही, फूलवारी, मीरपुर तिरवाह, मठखन्ना, सरॊली इसके अलावा डिहिया, मुङियार, सगरा, सॊरी, सम्मनपुर, बङहरा, तुरना, पचरासी, कोरयाडीह, मॊधिया, धुवार्जुन, कोलवर, कानर, खजुरा, पहाङपुर ,बोरसिया गांवो मे स्थित तालाबों मे भीङ भाङ से मेला सा दृश्य बन गया।यह पर्व ग्रामीण अंचलों मे तेजी के साथ प्रतिवर्ष बढ रहा हॆ घाटों को भब्य रुप से सजाया गया था।