चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, धरने पर बैठे*
कृपाशंकर यादव
गाजीपुर। रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को कर्मचारियों ने प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक के ऊपर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि ड्यूटी खत्म होने के बाद भी बेवजह काम कराने, छुट्टी न देने और अपनी मनमानी करते हैं। इससे नाराज कर्मचारी शनिवार को सीएचसी प्रांगण में धरने पर बैठ गए। जिससे एक घंटे तक ओपीडी प्रभावित रहा। धरना दे रहे कर्मचारियों ने कहा कि देर रात चिकित्सा अधिकारी आए और हम लोगों के साथ गाली- गलौज करने लगे। यह धरना तबतक चलता रहेगा, जबतक विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं आएगा। हम लोग इसी तरह काम बंद कर धरने पर बैठे रहेगें। धरने के चलते मरीजों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इसकी जानकारी ओपीडी में तैनात चिकित्सा अधीक्षक को हुई, तो वह मौके पर पहुंचे। बाद में उनके कड़े तेवरों के चलते कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद मरीजों और अन्य लोगों ने राहत ही सांस ली। मालूम हो कि आए दिन इस केंद्र से डाक्टर एवं कर्मचारी नदारद रहते हैं, जो अपने समय पर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इसी कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात चिकित्सा अधीक्षक ने बीते दिनों कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही उन्हें समय पर ड्यूटी करने को लेकर हिदायत दी। जिसके बाद से ही कर्मचारियों के एक गुट एवं चिकित्सा अधीक्षक के बीच तनातनी चल रही थी। शनिवार को उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस संम्बंध में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर रूद्रकांत सिंह ने बताया कि काम में लापरवाही करने और समय से ड्यूटी न आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाई के लिए सीएमओ के यहाँ पत्र प्रेषित करने के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसी के चलते कर्मचारियों ने झूठा आरोप लगाते हुए काम बाधित कर दिए, जो किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।