योगी सरकार में हिरासत में मौत की घटनाएं आमबात
रिपोर्ट गुड्डू यादव
गाजीपुर : जमीनी विवाद में थाने बुलाकर 2 दिसंबर की दो बजे दिन से लकवाग्रस्त उमाशंकर कुशवाहा को पुलिस ने थाने में ही रोक लिया था।यह कह कर कि इंचार्ज साहब दौरे पर हैआयेंगे तो मिल कर जाना 3 दिसम्बर की सुबह 7 बजे थाने के दिवान ने घर वालों को बताया कि उनकी तबीयत खराब है।घर के लोग थाने पहुंचे तो पता चला कि पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए हैं। उमाशंकर कुशवाहा की पत्नी शशि देवी ने जमानियां कोतवाल और पुलिसकर्मियों के खिलाफ, थाना प्रभारी, सीओ जमानियां और एसडीएम जमानियां को प्रार्थना पत्र दिया।भारत की कम्युनिस्ट पार्टी( माले) ने कहा कि, योगी सरकार में हिरासत में मौत की घटनाएं आमबात हो गई जमानियां थाना क्षेत्र के बेटाबर कला निवासी 60 वर्षीय उमाशंकर कुशवाहा जो लकवाग्रस्त की हिरासत में हुई मौत के घटना की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए जमानियां थानाध्यक्ष समेत दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर, अभिलम्ब बर्खास्त करने, मृतक के आश्रित परिवार को दस लाख रुपए मुआवजा देने,एक सदस्य को नौकरी देने की मांग उठाई। अगर प्रशासन घटना की मजिस्ट्री जांच नहीं कराता है तो भाकपा(माले) आन्दोलन संघर्ष को बाध्य होंगी।