आंगनवाडी केन्द्रों में आवश्यक संसाधन की उपलब्धता रहे सुनिश्चित-डीएम
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
देवरिया- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने जिला पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान कहा है कि बाल विकास की संचालित अत्यन्त ही महत्वपूर्ण है। यह बच्चो का कुपोषण को दूर करने एवं उन्हे बुनियादी शैक्षिक क्रियाशीलताओं से जोडने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिये इस विभाग की सभी संचालित योजनाये वास्तविक रुप से क्रियान्वित होनी चाहिये और प्रत्येक लाभार्थी तक इसका लाभ अनिवार्य रुप से पहुंचना चाहिये, इसमें किसी भी स्तर पर कोई कोताही नही होनी चाहिये। जिलाधिकारी विकास भवन के गांधी सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने बाल विकास से जुडे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाडी कार्यकर्तियों, सहायिकाओं को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा व मनोयोग से किये जाने के साथ ही जो भी अनुमन्य सुविधाये व योजनायें संचालित है उसे लाभार्थियों तक प्रत्येक दशा में पहुॅचाये जाने को कहा। उन्होने ई-कवच एप्लिकेशन, मिनी एनआरसी, पोषण वाटिका आदि की गहन समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को सफलतम क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होने पोषण टैकिंग एप्प, सैम किट वितरण, किशोरी बालिकाओं का योग प्रशिक्षण, एनआरसी से जुडे कर्मियों को नवीनतम रुप में प्रशिक्षित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होने सभी आंगनवाडी केन्द्रों में वजन मशीन की उपलब्धता की अनिवार्यता करते हुए जिन केन्द्रों में मशीन उपलब्ध नही है वहां उपलब्ध कराये जाने के लिये सीएमओ को अनटाइल्ड फण्ड से क्रय कर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय ने बताया कि 3283 आंगनवाडी केन्द्रों के सापेक्ष 2857 जगहों पर वजन मशीन है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डा आलोक पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, परियोजना निदेशक संजय पाण्डेय, डीसीएनआरएलएम बीएस राय, यूनिसेफ के सुरेश तिवारी, सीडीपीओ दया रामपाल, सत्येन्द्र कुमार सिंह, सुषमा दूबे सहित अन्य बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर आदि उपस्थित रहे।