वाराणसी-सनबीम स्कूल लहरतारा में (SIT) ने स्कूल के प्रबंधक दिलीप सिंह को गिरफ्तार
रिपोर्ट गुड्डू यादव
वाराणसी-सनबीम स्कूल लहरतारा में 26 नवंबर को कक्षा तीन की छात्रा से हुए दुराचार के मामले ने गठित विशेष जांच दल (SIT) ने स्कूल के प्रबंधक दिलीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है वहीं चेयरमैन दीपक मधोक सहित 10 लोगों से एसआईटी पूछताछ कर रही है। पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेशन द्वारा गठित की गई एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीसीपी वरुण विक्रांत वीर चेयरमैन सहित अन्य लोगों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं।पुलिस के कड़े तेवर को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मामले में कार्रवाई की तलवार जल्द ही समूह के चेयरमैन दीपक मधोक सहित प्रबंधन से जुड़े आला दर्जे के लोगों पर भी गिर सकती है।बता दें कि 5 दिन पहले हुई इस घटना से पूरे बनारस के लोगों में काफी गम़ व गुस्सा व्याप्त है और सभी लोग स्कूल प्रबंधन को लापरवाही का दोषी मान रहे हैं। गौरतलब है कि 26 नवंबर को सनबीम स्कूल के टॉयलेट में स्वीपर पर अजय कुमार उर्फ पिंकू ने छात्रा के साथ दुराचार किया था। इसके बाद बच्ची को उसने धमकाया भी था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे बहुत मारेगा। सहमी हुई बच्ची ने घर पहुंच कर जब अपनी मां को आपबीती सुनाई तो इसके बाद उसके पिता ने घटना के बारे में पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने अजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से ही काशीवासी लामबंद होकर बच्ची के साथ घटित हुई अमानवीय घटना के लिए स्कूल के प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों पर भी कार्यवाही की मांग कर रहे थे। स्कूल प्रबंधन की प्रथम दृष्टया जो लापरवाही सामने आयी है उसके अनुसार 1 -जिस फ्लोर पर क्लास था वहां शौचालय नहीं था जिसके कारण बच्ची को दूसरे फ्लोर पर जाना पड़ा। 2- एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर पर छोटे बच्चों की निगरानी के लिए तैनात स्टाफ का कुछ पता नहीं था। 3 – गर्ल्स शौचालय की साफ सफाई के लिए महिला स्टाफ की व्यवस्था नहीं करना। 4- बच्ची शौच के लिए गई तो जिम्मेदारी संभालने वाले स्टाफ ने वहां से रेप के आरोपी को बचाने का प्रयास किया। 5 – उस स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी ठीक से नहीं हो रही थी। 6 – रेप की घटना जानकारी मिलने पर स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बच्ची के पिता के साथ सिगरा थाने में जाकर पुलिस का सहयोग नहीं किया।