सदर विधानसभा गाजीपुर : सपा से टिकट की रेस के अंतिम राउंड में चार उम्मीदवारों पर चर्चा तेज
जयंत यादव क्राइम रिपोर्टर गाजीपुर
गाजीपुर सदर विधानसभा में समाजवादी पार्टी के उम्‍मीदवारों को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि कौन होगा समाजवादी पार्टी का प्रत्‍याशी। हालाकि लगभग तीन दर्जन प्रत्‍याशियों ने टिकट के लिए आवेदन किया है जिसमे से कटते-छंटते अंतिम राउंड में अब चार लोगों पर चर्चाएं शेष बची हैं। जिनमे राजेश कुशवाहा, डा. सानंद सिंह, संतोष यादव और डा. राजकुमार पांडेय का नाम प्रमुख है। जबकि समाजवादी पार्टी के रणनीतिकार भाजपा और बसपा के उम्‍मीदवार के खुलासे का इंतेजार कर रहे हैं। सदर विधानसभा में अंतिम चरण में सात मार्च को मतदान होगा और दस मार्च को गिनती होगी। डा. सानंद सिंह की पारिवारिक पृष्‍ठभूमि समाजवादी रही है। इनके पिता स्‍व. सत्‍यदेव सिंह डा. राम मनोहर लोहिया के टीम के सदस्‍य रहे हैं। जिन्‍होने समाजवादी राजनीति में काफी लंबा सफर तय कर एक मुकाम बनायी है। डा. सानंद सिंह का राजनैतिक सफर समाजवादी पार्टी से ही शुरु हुआ। इसलिए विधानसभा परिषद के चुनाव में काफी कम अंतर से चुनाव हार गये। डा. सानंद सिंह ने चुनाव हारने के बाद हिम्‍मत नही हारी। शहीदों के सम्‍मान में कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी तक साइकिल यात्रा निकाला और रास्‍ते में पड़ने वाले हजारों शहीदों को सम्‍मानित किया। वृक्षारोपण व बेसो नदी की सफाई कर स्‍वच्‍छ बनाने का संकल्‍प लिया है। सत्‍यदेव ग्रुप आफ कालेजेज के सभी शिक्षण संस्‍थानों मे गरीब बच्‍चों और शहीद के बच्‍चों को नि:शुल्‍क शिक्षा प्रदान की जाती है। इनकी मेहनत को देखकर सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने आश्‍वासन दिया था कि आगे के चुनाव में आपको अरजेस्‍ट किया जायेगा। इसी क्रम में पिछले दिनों आजमगढ़ में अखिलेश यादव ने डा. सानंद सिंह को बुलाकर चुनाव के संदर्भ में चर्चा किया। पूर्व जिलाध्‍यक्ष राजेश कुशवाहा इनके पिता भी पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा सपा के जिलाध्‍यक्ष रहे। राजेश कुशवाहा की गिनती अखिलेश यादव के नजदीकियों में होती है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में सदर सीट पर सपा ने इन्‍हे प्रत्‍याशी बनाया था लेकिन यह चुनाव हार गये । इस बार भी टिकट के लिए आवेदन किया है। संतोष यादव समाजवादी पार्टी में अपना राजनीतिक सफर शुरु किया। इनकी गिनती अखिलेश यादव के नजदीकियों में होती है। संतोष यादव ने अखिलेश यादव के रथ यात्रा में व साइकिल यात्रा में भाग लेकर महत्‍वपूर्ण भूमिका अपनायी थी। राजकुमार पांडेय ने अपना राजनीतिक सफर समाजसेवा से शुरु किया। समाजवादी पार्टी के युवा विधायक से प्रभावित होकर उन्‍होने सपा ज्‍वाइन किया। इनका दावा है कि समाजवादी पार्टी से ब्राह्मण उम्‍मीदवार ने 2012 के चुनाव में विजय हासिल किया था। अगर पार्टी मौका देगी तो इस बार भी सदर विधानसभा में साइकिल चलेगा।