धान क्रय का समयबद्ध हो भुगतान:डीएम
कमलाकर मिश्न
देवरिया -जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने देर सायं विकास भवन के गांधी सभागार में जनपद में हो रही धान खरीद की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने धान खरीद से जुड़ी सभी संस्थाओं को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद करने और समय से किसानों को समयबद्ध भुगतान करने के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने खाद्य विपणन विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस, पीसीयू, मंडी समिति, नेफेड और भारतीय खाद्य निगम द्वारा जनपद में की जा रही धान खरीद की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने धान खरीद सीजन में निर्धारित लक्ष्य 113700 मीट्रिक टन के सापेक्ष दिनांक 3 जनवरी तक 74008.93 मीट्रिक टन (लक्ष्य के सापेक्ष 65 प्रतिशत) धान खरीद होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने धान खरीद से जुड़े सभी एजेंसियों के पदाधिकारियों को खरीद तेज करने के निर्देश देने के साथ ही अपेक्षित प्रगति न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। जिलाधिकारी ने मंडी समिति द्वारा धीमी धान खरीदारी की जिम्मेदारी तय करते हुए खरीद केंद्र के प्रभारी प्रेमशंकर तिवारी के विरद्ध कार्यवाही करने के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया। मंडी समिति के धान खरीद केंद्र में लक्ष्य के सापेक्ष महज 40 प्रतिशत धान की खरीद हुई है। जिलाधिकारी ने सभी धान क्रय केंद्रों पर अनिवार्यतः जूट के बोरों का प्रयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी केंद्र पर प्लास्टिक के बोरे का प्रयोग होते दिखा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने धान ढुलाई में संलग्न लापरवाह ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी खाद्य विपणन विभाग एवं खरीद एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से 5-5 धान क्रय केन्द्रों का निरीक्षण करने और किसानों से संवाद स्थापित करके उनकी समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष खरीद की जाए। धान क्रय केंद्र पर आने वाले किसी भी किसान को वापस न लौटाया जाए और छोटे किसानों के धान की खरीद प्राथमिकता के आधार पर की जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) नागेंद्र कुमार सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।