इश्क में नादानी की सजा ‘मां’ बनकर भुगत रही प्रेमिका, प्रेमी है सलाखों के पीछे
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडेय की रिपोर्ट
वाराणसी। इश्क में नादानी की सजा बिन ब्याही युवती मां बनकर भुगत रही है। प्रेम परवार चढ़ा तो संबन्ध भी बना, नतीजतन, बच्चा पैदा हुआ, प्रेमी ने इनकार किया, मुकदमा दर्ज हुआ वो जेल में हैं और बिन शादी पैदा हुए बच्चे को लेकर प्रेमिका अब दर बदर की ठोंकरे खा रही है। इश्क में मिली सजा से ज्यादा चोट उसे सामाजिक ताने से मिल रही है। आते-जाते रास्ते उसपर फब्तियां कसी जा रही हैं, उसे चरित्र को लेकर उसे कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे गुनाहगार केवल वही है। फब्तियां कोई और नहीं आरोपी प्रेमी के घर वाले ही कस रहे हैं। आये दिन ताने मारने की हरकत से वो इस कदर टूट गयी कि रविवार को मिर्जामुराद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मिर्जामुराद थानांतर्गत खजुरी पुलिस चैकी अंतर्गत पड़ने वाले वाराणसी-मीरजापुर सीमा पर स्थित एक गांव निवासिनी 21 वषीर्या अनपढ़ युवती को उसके ही पड़ोस में रहने वाला अंतरजातीय युवक अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। इसके बाद शादी का झांसा देकर युवक कई माह तक युवती का शारीरिक शोषण करता रहा। युवती गर्भवती हो गई। युवती जब शादी की बात करती तो युवक टाल-मटोल करने लगता। दो साल पहले इस मामले में युवती के पिता ने थाने पहुंच युवक के खिलाफ दुराचार व एससी-एसटी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद 18 जून को आरोपी युवक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। युवक को जेल भेज दिया गया। युवक के जेल जाने के बाद गर्भवती युवती मासूम की मां बन गई। युवक ने हाईकोर्ट में अपील कर दिया कि उसे गलत फंसाया गया हैं। युवती के गर्भ से हुआ बच्चा उसका नहीं हैं। इसकी सच्चाई जानने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाना जरूरी है। पीड़िता ने भी अपने बयान में परीक्षण पर सहमति दे दी थी। जनवरी वर्ष 21 में डीएनए टेस्ट हुआ। जिसमें बच्चे का पिता आरोपित युवक ही निकला था।