कायस्थ महासभा के तत्वावधान में देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित*
कमलेश कुमार की रिपोर्ट।
गाजीपुर । अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर शास्त्री नगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करने का संकल्प लिया । माल्यार्पण करने के पश्चात आयोजित गोष्ठी में महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शास्त्री जी को देश का महान नेता बताया । उन्होंने कहा कि उनमें देशभक्ति की भावना कूट कूट कर भरी हुई थी । उन्होंने अपना पूरा जीवन सरलता और सादगी से बिताया । उनका 18महीने का प्रधानमंत्रित्व काल गीता के 18अध्यायों की तरह पूरी तरह से पाक साफ था । सरकार के तमाम महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद उनके दामन पर कोई दाग नहीं था । वह अत्यन्त साहसी और बहादुर नेता थे । उन्होंने ही जय जवान जय किसान का नारा दिया था । उन्होंने गांधी जी के आह्वान पर बहुत ही कम उम्र में देश के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । वह बाहर से तो काफी उदार और विनम्र थे लेकिन अंदर से चट्टान की तरह दृढ़ थे । रेल मंत्री होने के दौरान एक रेल दुर्घटना होने पर उन्होंने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए नैतिकता के आधार पर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था । उनका त्याग पत्र स्वीकार करते हुए नेहरू जी ने कहा था कि उनका इस्तीफा मैं इसलिए नहीं स्वीकार कर रहा हूं कि वह इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार है बल्कि मैंने इनका इस्तीफा इसलिए मंजूर किया कि इनका यह कदम देश की सियासत में काम करने वालों के लिए एक नजीर होगा और हम सबको संवैधानिक मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देगा । लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है । हम सबको उनके जीवन से सबक लेकर सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और ईमानदारी का पालन करने का संकल्प लेना चाहिए और यही हम सबकी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी । इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, संतोष श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, विजयप्रकाश श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, अरुण सहाय,परमानन्द श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर,, मोहनलाल श्रीवास्तव, अरुण सहाय, प्रवीण श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, आदि उपस्थित थे । इस गोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया ।